[Deewan] Fw: [Indlinux-hindi] Padma: transformer for Indic scripts

Ravikant ravikant at sarai.net
Tue Feb 21 15:55:21 IST 2006


दोस्तो,

नीचे की ख़बर मैंने दैनिक भास्कर से नक़ल कर के चिपकायी है. थोड़ी हैरत होनी चाहिए क्योंकि 
ये अख़बार युनिकोड फ़ॉन्ट में नहीं छपते, सिर्फ़ नभाटा ही युनिकोड इस्तेमाल
करता है. लेकिन अगर आप फ़ायरफ़ॉक्स इस्तेमाल करते हैं तो जैसा कि रविशंकर श्रीवास्तव ने 
नीचे उद्धृत संदेश में बताया, आपको सिर्फ़ एक
छोटा सा औज़ार पद्मा (04.4) http://padma.mozdev.org/ पर जाकर डाउनलोड कर लेना है, और 
फिर इस एक्सपीआई जुगाड़ पर डबल क्लिक करने से यह आपके ब्राउज़र में स्थापित हो जाएगा. ब्राउज़र 
को फिर से चालू करने के बाद आप दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, पंजाब केसरी 
और अमर उजाला मज़े में पढ़ सकते हैं, ख़बरों, लेखों को नेट की दुनिया में घुमा सकते हैं, वह सब कर 
सकते हैं जो अब तक अंग्रेज़ी के पाठ के साथ संभव था. अब न्यूज़रैक का इस्तेमाल भी आसान हो जाएगा.

मज़े लीजिए और करुणाकर जैसे टेकी मित्रों से प्रार्थना 
कीजिए कि वे यह जुगाड़ शुषा, सूर्या आदि फ़ॉन्ट के लिए कर दें. 

पद्मा से सिर्फ़ हिन्दी का काम आसान नहीं हो रहा, दूसरी भारतीय भाषाओं का भी हो रहा है.

लेकिन इस औज़ार में कुछ कमियां अभी भी हैं. एकाध अक्षर, ख़ासकर संयुक्ताक्षर ठीक से नहीं आते.    


रविकान्त



गुरू-गीता दत्त को आदरांजलि
जयप्रकाश चौकसे

http://www.bhaskar.com/defaults/film.php

महान फिल्मकार गुरूदत्त और गीतादत्त की पुत्री नीना ने अपनी मां के गीतों को रीमेक्स के लिए 
गाया है और उसकी बेटी नफीसा मेमन ने उन्हें संगीत वीडियो में प्रस्तुत किया है। ‘पल’ नामक यह 
प्रयास गुरूदत्त और गीतादत्त को समर्पित किया गया है। गुरूदत्त की मृत्यु को 40 वर्ष हो चुके हैं।

विज्ञान की पढ़ाई करने वाली नफीसा मॉडलिंग के क्षेत्र में पहले ही प्रवेश कर चुकी है। ज्ञातव्य है 
कि गुरूदत्त के एक पुत्र ने फिल्म बनाने का प्रयास किया था। उनके दो पुत्रों में एक अभी सक्रिय है 
परंतु पुत्री और पुत्री की पुत्री आदरांजलि प्रस्तुत कर रही है। जिस समय उनका विवाह हुआ था 
गीतादत्त को सितारा हैसियत प्राप्त थी और गुरूदत्त निर्देशन के क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। यह 
प्रेम विवाह था। शादी के बाद गुरूदत्त भी सितारा निर्देशक हो गए और उन्होंने अभिनय भी प्रारंभ 
किया।

गीतादत्त पार्श्व गायन के क्षेत्र में उतनी सफल नहीं हुईं, जितनी उनमें प्रतिभा थी या यूं कहें कि 
उन्होंने अपनी ईश्वर प्रदत्त प्रतिभा का भरपूर दोहन नहीं किया। गीतादत्त अभिनय करना चाहती 
थीं और गुरूदत्त ने उन्हें नायिका लेकर ‘गौरी’ नामक एक फिल्म प्रारंभ भी की थी। कुछ रीलों के 
बाद आपसी विवाद के कारण फिल्म निरस्त कर दी गई।

दरअसल दो अत्यंत प्रतिभाशाली और तुनकमिजाज लोगों की शादी हमेशा तूफान में फंसी नाव की तरह 
होती है। एक तो नाव के भीतर भी तूफान होता है और वह समुद्र में आए तूफान से कम खतरनाक नहीं 
होता। गीतादत्त की अभिनय इच्छा अब उनकी नातिन के द्वारा अभिव्यक्त हो रही है। गुरूदत्त की 
अद्‌भुत प्रतिभा उनके पुत्रों के पास नहीं थी और किसी भी महान फिल्मकार के पुत्र शिखर तक नहीं 
पहुंचे।

शांताराम, मेहबूब खान, विमलराय का काम आगे नहीं बढ़ा। राजकपूर के पुत्रों ने फिल्में बनाईं परंतु वे 
अपने पिता के स्तर को छू भी नहीं पाए। कोई भी वंश कभी हमेशा कायम नहीं रह पाता। 
क्षण-भंगुरता से जीवन शासित है। इस तथ्य के बावजूद इस देश में कन्या शिशु को गर्भस्थ अवस्था में ही 
नष्ट कर दिया जाता है। आज हम गुरूदत्त और गीतादत्त का स्मरण कर रहे हैं क्योंकि पुत्री और 
नातिन एक लघु प्रयास कर रहीं हैं।

क्या इस संगीत वीडियो में गुरूदत्त के गीतांकन की झलक दिखाई देगी। उनकी शैली की सादगी कमाल 
की थी। याद कीजिए ‘प्यासा’ का गीतांकन-‘जाने क्या तूने कही जाने क्या मैंने सुनी, बात बस बन 
ही गई’। रोशनी के नाम पर क्षमा मांगते हुए बल्ब की हल्की-पीली जॉनडिसी रोशनी में नहाई 
कलकता की सड़क पर वहीदा रुककर अनिच्छुक ग्राहक को ललचा रही है। रात के रहस्य को उजागर 
करता कैमरा सचिव देव बर्मन के संगीत पर संचालित हो रहा है। सांवली सलोनी वहीदा मुड़कर देखती 
है तो दर्शक दिल को थाम नहीं पाता।

भारतीय सिनेमा में गीतांकन के क्षेत्र में राजकपूर, विजय आनंद, राज खोसला और गुरूदत्त ने अद्‌भुत 
काम किया है और वर्तमान पीढ़ी में संजय लीला भंसाली विशुद्ध जीनियस हैं। जब गीतादत्त ने पार्श्व 
गायन शुरू किया ‘मेरा सुंदर सपना टूट गया’, तब नूरजहां पाकिस्तान जा चुकी थीं और लता नूरजहां 
के प्रभाव (बरसात 49) से मुक्त हो चुकीं थीं। उस समय आशा भोंसले का उदय नहीं हुआ था और गीता 
की गायिकी अद्‌भुत और अभिनव थी परंतु उन्होंने दोहन नहीं किया। नफीसा और नीना अपनी 
प्रतिभा के साथ न्याय करेंगी।


On Saturday 04 Feb 2006 5:35 pm, Ravishankar Shrivastava wrote:
> दोस्तों,
>
> मॉज़िल्ला-फ़ॉयरफ़ॉक्स ब्राउज़र का एक नया एक्सटेंशन
> पद्मा(http://downloads.mozdev.org/padma/padma-0.4.4.xpi
>
> ) जारी किया गया है जो कि तमाम हिन्दी के विविध फ़ॉन्टों को गतिमय रूप से,
> स्वचालित रुप से, यूनिकोड में परिवर्तित कर ब्राउज़र में खुद-ब-खुद प्रदर्शित
> करता है. यानी की अब किसी भी हिन्दी साइट में बिना किसी फ़ॉन्ट संबंधी बाधा के
> यूनिकोड में पढ़ सकते हैं, भले ही वह हिन्दी साइट यूनिकोड में नहीं हो!
>
> तकनॉलाज़ी की सीमाएँ अंतहीन ही हैं...
>
> अपने अनुभव, बग्स (किन साइटों- फ़ॉन्टों पर काम करता है, किन पर नहीं...)
> इत्यादि साझा अवश्य करें.
>
> ----- Original Message -----
> From: "G Karunakar" <karunakar at indlinux.org>
> To: <indlinux-hindi at lists.sourceforge.net>
> Sent: Saturday, February 04, 2006 11:30 AM
> Subject: [Indlinux-hindi] Padma: transformer for Indic scripts
>
>
>
> Ever visited a Indian language newspaper website and couldnt read it
> becoz the encoding was proprietry or the fonts didnt work, a little
> know gem of Indic tools - Padma makes it possible, an extension
> written for Mozilla/Firefox it converts the website text to unicode
> and redisplays the page, making it readable in your browser - all
> dynamically and automatically. Developed by Nagarjuna Venna, Padma
> Indraganti, it is inspired by Kolichala Sureshs implementation of a
> converter from RTS to Unicode for the Internet Explorer.
>
> >From the home page ( http://padma.mozdev.org )
>
> Padma is a technology for transforming Indic text between various
> public and proprietary formats. This extension applies the technology
> to Mozilla based applications. Padma is available as an extension for
> Firefox, Thunderbird and Netscape platforms. Padma currently supports
> Telugu, Malayalam, Tamil, Devanagari and Gujarati scripts. The
> following output formats are supported: Unicode, RTS (for Telugu
> script) . Input methods supported are: RTS, Unicode, ISCII, ITRANS.
>
> Many popular newspapers website encodings are supported.
> So just install the extension and browse the sites, now automatically
> converted to unicode.
>
> The current stable version of Padma is 0.4.4.
> http://downloads.mozdev.org/padma/padma-0.4.4.xpi
>
> Mailing list - http://mozdev.org/mailman/listinfo/padma
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