[Deewan] telephone booth

girindranath jha gnj_chanka at rediffmail.com
Fri Jun 2 12:27:13 IST 2006


  
टेलिफोन बुथों के बारे मे जानकर à¤
ब ऐसा लगता है कि प्रवासियों के लिए यह वरदान ही है.वज़ीरपुर के इलाके का जब मैं चक्कर लगाता हुँ तो ऐसा हीं कुछ à¤
नुभव होता है.
वज़ीरपुर के जिस इलाके का मैं à¤
ध्धयन कर रहा हुँ,à¤
सल मे वह उत्तर बिहार से आए प्रवासी मजदुरों का à¤
ड्डा है.भिन्न ज़िलों से आए इन प्रवासीयों के मन को बुथों के सहयोग से पढा जा सकता है.झुग्गीनुमा घरों मे रहने वाले ये लोग साम ढलते हीं टेलिफोन बुथों के इर्द्-गिर्द  घुमने लगते हैं..सभी को बातें करनी है à¤
पने घर न !
इस इलाके के à¤
धिकतर बुथ भी प्रवासी हीं चला रहे हैं.इस कारण यहाँ का रुप भी बहुत कुछ श्रीनगर(बिहार्)की तरह है,à¤
न्तर केवल बुथों के रु मे है.यहाँ चलते-फिरते बुथ है  .....या फिर कहीं रखा टेलिफोन का सेट्.
यहाँ के बुथों के बारे मे और भी बहुत कुछ हैं.à¤
गली दोपहरी को.
ग़िरीन्द्र 
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