[दीवान] Deewan Digest, Vol 55, Issue 3

reyaz-ul-haque beingred at gmail.com
Fri Aug 31 22:27:41 IST 2007


bhai, ismen kuchh bhi nahin dikh raha hai.
kya padhen?


On 8/30/07, deewan-request at mail.sarai.net <deewan-request at mail.sarai.net>
wrote:
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>    1. Re: [दीवान]Fwd: चक दे इंडिया:
>       बाय मिहिर पंड्या (mihir pandya)
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> Message: 1
> Date: Wed, 29 Aug 2007 12:44:08 -0700 (PDT)
> From: mihir pandya <miyaa_mihir at yahoo.com>
> Subject: Re: [दीवान]Fwd: चक दे इंडिया:
>         बाय मिहिर पंड्या
> To: vijay thakur <vkt.vijay at gmail.com>
> Cc: deewan at mail.sarai.net, deewan <deewan at sarai.net>
> Message-ID: <12754.90032.qm at web53604.mail.re2.yahoo.com>
> Content-Type: text/plain; charset="iso-8859-1"
>
>
>
> vijay thakur <vkt.vijay at gmail.com> wrote:  बहुत अच्छा
> लगा चकदे..... पर à¤(r)िहिर की
> सà¤(r)ीक्षा जिसà¤(r)ें शाहरुख à¤"र
> शिà¤(r)ित अà¤(r)ीन की फिल्à¤(r) स्टाइलों
> पर एक नजर के अलावा भी बहुत कुछ
> दिया गया है।
> एक जगह à¤(r)िहिर ने लिखा है, "सबसे
> पहले सबसे खास बात... याद
> कीजिये कि à¤(r)ुख्यधारा के
> सिनेà¤(r)ा à¤(r)ें आखिरी बार आपने कब
> एक à¤(r)ुस्लिà¤(r) को नायक के रूप à¤(r)ें
> देखा था? आसानी से याद नहीं
> आयेगा ये तय है..." à¤(r)ैं इससे सहà¤(r)त
> हूं à¤(r)गर पूर्णतः नहीं क्योंकि
> बीच-बीच à¤(r)ें विभिन्न विषयों
> पर कई à¤(r)ुस्लिà¤(r) किरदार वाली
> फिल्à¤(r)ें आती रही हैं यथा- फना,
> अनवर, à¤(r)िशन कश्à¤(r)ीर, फिजा,
> à¤(r)कबूल, शूट आउट एट लोखंडवाला,
> ब्लैक फ्राइडे...अब इनà¤(r)ें कुछ
> को तो à¤(r)ुख्यधारा की सिनेà¤(r)ा
> à¤(r)ें रख ही सकते हैं, यह सही है
> कि हिन्दू नाà¤(r) वाले किरदार  की
> तरह फ्रिक्वेंट नहीं है।
> à¤(r)िहिर ने कुछेक दृश्यों को
> पकाऊ कहा है...सही है ...कई बार
> ऐसा दिखने à¤(r)ें आता है कि  दृश्य
> भावनात्à¤(r)क बनाने के चक्कर à¤(r)ें
> फिल्à¤(r)कार दृश्य को पकाऊ बना
> देते हैं।
>
>
>   On 8/29/07, Ravikant <ravikant at sarai.net> wrote:
> ----------  आगे भेजे गए संदेश  ----------
>
> Subject: äšÃ¤• ä¦Ã¥‡ ä‡Ã¤£Ã¥Ã¤¡Ã¤¿Ã¤¯Ã¤¾ :
> ä¹Ã¥Ã¤Ã¤•ä¾Ã¤°Ã¤¾ ä†Ã¤œ
> ä&shy;ä° ä²Ã¥‡...
> Date: बुधवार 29 अगस्त 2007 02:08
> From: mihir pandya <miyaa_mihir at yahoo.com>
> To: ravikant <ravikant at sarai.net >
>
> ये पहला लेख/सà¤(r)ीक्षा आपको भेज
> रहा हूँ.
> पढकर राय दीजिये à¤"र दीवान पर
> डाल दीजिये à¤à¥€à¤• लगे तो. à¤(r)ुझे
> अभी तक दीवान पर
> पोस्टिंग करना à¤à¥€à¤• से सà¤(r)झ
> नहीं आया है.
>
> राखी पर जयपुर से...
> ...à¤(r)िहिर
>
>
> .................................................
>
>   चक दे इण्डिया : हुँकारा आज
> भर ले...
>
>                       ये एक अजीब सी तुलना
> है. पिछले सप्ताह à¤(r)ैनें
> अà¤(r)िताभ को
> "सी.एन.एन. आई.बी.एन." पर बोलते
> सुना. स्वत्नंत्रता दिवस के
> दिन अà¤(r)िताभ अपनी
> पसन्दीदा फिल्à¤(r)ों के बारे
> à¤(r)ें बात कर रहे थे. अà¤(r)्रर अकबर
> एन्थोनी की बात आने पर
> उन्होनें कहा कि हà¤(r) सभी को
> लगता था कि इतना अतार्किक
> विचार कैसे चलेगा? संयोगों
> à¤"र अतार्किकताà¤"ं से भरी ये
> कहानी सिर्फ à¤(r)नà¤(r)ोहन देसाई के
> दिà¤(r)ाग का फितूर है. आज
> भी हà¤(r) उस फिल्à¤(r) के पहले दृश्य
> को देखकर हंसते हैं. एक नली से
> तीनों भाइयों का
> खून सीधा à¤(r)ाँ को चढता हुआ
> दिखाया जाना एक à¤(r)ेडीकल जोक है.
> लेकिन इन सबके बावजूद
> कुछ है जिसने देखने वाले से
> सीधा नाता जोड लिया. सारी
> अतार्किकतायें पीछे छूट
> गयीं à¤"र कहानी अपना काà¤(r) कर
> गयी. अब आप क्या कहेंगे इसे...
> à¤(r)ैं इसे एक फिल्à¤(r)ी
> नाà¤(r) देता हूँ… दिल का रिश्ता.
> पिछले ह्फ्ते शिà¤(r)ित अà¤(r)ीन की
> फिल्à¤(r) चक दे इण्डिया
> देखते हुए भी à¤(r)ुझे ऐसा ही
> एहसास हुआ. वैसे फिल्à¤(r) के कई
> प्रसंग तो बहुत ही पकाऊ
> थे जैसे कबीर खान के घर छोडने
> का प्रसंग जहाँ पडोस à¤(r)ें रहने
> वाला बच्चा अपने
> पिता से कह्ता है, "पापा à¤(r)ैनूं
> भी गद्दार देख्नना है". इस जगह
> भारी à¤(r)ेलोड्राà¤(r)ा
> दिखाई देता है. या वो सारी
> बोर्ड à¤(r)ीटिंग्स जहाँ चेयरà¤(r)ैन
> बार-बार ये ही दोहराता
> है, "ये चकला-बेलन चलाने वाली
> भारतीय नारियाँ हैं". क्या ये
> भी स्टिरियोटाइप
> किरदार नहीं हैं? लेकिन इनके
> बावजूद à¤(r)ुझे फिल्à¤(r) पसन्द आयी
> à¤"र इसका कारण वो ही
> दिल का रिश्ता है. ये एक सच्चे
> दिल से बनाई गई फिल्à¤(r) है जो नज़र
> आ ही जाता है.
> …..
>                 सबसे पहले सबसे खास
> बात... याद कीजिये कि à¤(r)ुख्यधारा
> के सिनेà¤(r)ा
> à¤(r)ें आखिरी बार आपने कब एक
> à¤(r)ुस्लिà¤(r) को नायक के रूप à¤(r)ें
> देखा था? आसानी से याद
> नहीं आयेगा ये तय है. हà¤(r)ारे
> दौर के सबसे बडे नायक शाहरुख
> ने भी हà¤(r)ेशा राज या
> राहुल या वीर प्रताप सिंह या
> à¤(r)ोहन भार्गव जैसी भूà¤(r)िकाएँ ही
> निभाई हैं. हाँ,
> हे राà¤(r) का अà¤(r)ज़द एक अपवाद कहा
> जा सकता है. शायद जयदीप के लिये
> सबसे à¤(r)ुश्किल ये ही
> रहा हो की यशराज को एक ऐसी
> कहानी के लिये कैसे à¤(r)नाया
> जाये जिसके नायक का नाà¤(r)
> कबीर खान  है. यह एक बहुत ही
> à¤(r)हत्वपूर्ण तथ्य है जिसे गौर
> से देखा जाना चाहिये.
> आज SRK ऐसा रोल कर सकता है, क्या
> ये पहले सà¤(r)्भव था या हो सकता
> था? पुराने
> धुरंधर याद कर पायेंगे कि
> अà¤(r)िताभ ने अपनी बादशाहत के
> दौर à¤(r)ें à¤(r)ुस्लिà¤(r) नायक की
> भूà¤(r)िकाएँ भी निभाई हैं लेकिन
> शाहरुख के खाते à¤(r)ें ये तथ्य
> नहीं है. यह सà¤(r)य का
> परिवर्तन है. à¤(r)ित्रों का तो
> यहाँ तक कहना है कि गदर जैसी
> दुर्घटना नब्बे के दशक
> à¤(r)ें ही सà¤(r)्भव थी. à¤(r)नà¤(r)ोहन सिंह
> à¤"र लालकृष्ण आडवाणी ने इस दशक
> की शुरूआत à¤(r)ें जो
> किया यह उसी का असर है. इसलिये
> चक दे अभी भी एक अपवाद ही कही
> जाएगी, à¤(r)ुख्यधारा
> नहीं. लेकिन ये एक खूबसूरत
> अपवाद है.
>
> …..
>                चक दे एक खेल आधारित
> फिल्à¤(r) का à¤(r)ूल नियà¤(r) ध्यान रखती
> है à¤"र वो है
> कà¤(r)ज़ोर की विजय. भारत द्वारा
> निर्à¤(r)ित सबसे चर्चित खेल
> फिल्à¤(r) लगान की तरह चक दे
> भी कà¤(r)ज़ोरों के विजेता बनकर
> निकलने की कहानी है. यहाँ आपको
> सारे भेदभाव दिख
> जायेंगें जैसे जेन्डर, इलाका,
> खेल के आपसी भेदभाव à¤"र इनके
> खिलाफ लडाई साथ-साथ
> जारी है. टॉà¤(r) एण्ड जेरी  की
> लडाई à¤(r)ें जीत हà¤(r)ेशा टॉà¤(r) की ही
> होती है à¤"र यही
> नियà¤(r) हà¤(r)ारी फिल्à¤(r)ों पर भी
> लागू होता है. सच यही है कि आà¤(r)
> दर्शक ज़िन्दगी की लडाई
> हारे हुये किरदार से ही रिलेट
> करता है. वहीं उसे अपना अक्स
> दिखाई देता है. …..
>                हॉकी की भारत à¤(r)ें क्या
> जगह थी इसे दिखाने के लिये
> बहुत सुन्दर
> प्रतीक चुना गया है. देश की
> राजधानी के हृदयस्थल को
> निहारती à¤(r)ेजर ध्यानचन्द की
> à¤(r)ूरत उस केन्द्रीय स्थान की
> गवाही देती है जो आजाद भारत
> à¤(r)ें हॉकी ने पाया था.
> à¤(r)ेजर ध्यानचन्द हॉकी
> स्टेडियà¤(r) जैसे लुटियंस की
> बनाई दिल्ली को निहार रहा है.
> इंडिया गेट के à¤(r)ध्य भाग से
> देखने पर à¤à¥€à¤• साà¤(r)ने
> राष्ट्रपति भवन दिखाई देता
> है.
> अगर आप सुनील खिलनानी की
> आइडिया à¤'फ इंडिया का शहर à¤"र
> सपना अध्याय पढें तो
> à¤(r)ालूà¤(r) होगा कि इस नक्शे को
> बनाने à¤(r)ें क्या सत्ता संरचना
> काà¤(r) कर रही थी. क्यों
> वायसराय के घर के लिये उन्नयन
> कोण सबसे ऊँचा रखा गया था. यहाँ
> ध्यानचंद का होना
> एक कà¤(r)ाल के प्रतीक की खोज है.
> à¤"र इसका श्रेय भी à¤(r)ैं जयदीप
> साहनी को दूंगा
> जिन्होंनें एकबार फिर साबित
> कर दिया है की नये बनते शहर की
> बुनावट à¤"र उसकी
> सत्ता संरचना को उनसे अच्छा
> सà¤(r)झने वाला हिन्दी सिनेà¤(r)ा à¤(r)ें
> à¤"र कोई नहीं है.
> खोसला का घोसला  के बाद चक दे
> एक à¤"र उपलब्धि है जयदीप के
> लिये. …..
>                à¤"र वो सोलह लडकियाँ...
> सोलह अलग-अलग नाà¤(r), सोलह अलग-अलग
> किरदार,
> सोलह अलग-अलग पहचान. हर एक
> ऊर्जा की खान. जैसे उबलता लावा.
> वैसे कोà¤(r)ल चौटाला को
> सबसे ज्यादा पसंद किया गया है
> à¤"र खुद à¤(r)à¤(r)ता खरब ने कहा है कि
> कोà¤(r)ल à¤(r)े à¤(r)ेरी छवि
> है लेकिन काà¤(r) के à¤(r)ाà¤(r)ले à¤(r)ें
> à¤(r)ेरी पसंद शिल्पा शर्à¤(r)ा रही.
> आपने उसे खाà¤(r)ोश पानी
> à¤(r)ें देखा होगा à¤"र हज़ारों
> ख्वाहिशें ऐसी à¤(r)ें नहीं देखा
> होगा. लेकिन आप बिन्दिया
> नायक को नहीं भूल सकते. अगर ये
> उनका फिल्à¤(r) जगत à¤(r)ें आगà¤(r)न à¤(r)ाना
> जाये तो ये एक
> धà¤(r)ाकेदार आगà¤(r)न है. वो आयी… वो
> छायी टाइप! लेकिन आखिर à¤(r)ें
> श्रेय तो जयदीप को ही
> जाएगा जिन्होंनें इतने तीखे,
> तेज़्-तर्रार किरदार रचे. …..
>              शाहरुख के लिये ये फिल्à¤(r)
> स्वदेस वाले खाते à¤(r)ें जाती है
> जहाँ उसने
> अपना किंग खान वाला स्टाइल
> छोडकर काà¤(r) किया है. स्वदेस
> हालाँकि ज्यादा परतदार
> फिल्à¤(r) थी लेकिन चक दे भी उसी
> खाते à¤(r)ें है. स्तर भले कà¤(r) हो
> लेकिन खाना वही है.
> शाहरुख को चाहनेवालों के
> लिये ये एक नया रूप तो है ही.
> (हाँ à¤(r)ेरी पसंद अभी भी
> कभी हाँ, कभी ना को ही शाहरुख
> का सर्वश्रेष्ठकाà¤(r) à¤(r)ानती है.
> ना स्वदेस को à¤"र ना
> चक दे को). ये फिल्à¤(r) तो बस
> उà¤(r)्à¤(r)ीद है कि हिन्दुस्तानी
> फिल्à¤(r)ों की à¤(r)ुख्यधारा
> किसी नये प्रयोगशील रास्ते
> पर आगे बढ रही है...
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