[दीवान]क्या तुम्हें मुसलमानों के बीच में जाते हुए डर नहीं???
आशीष कुमार 'अंशु'
ashishkumaranshu at gmail.com
Sat Apr 11 14:03:32 IST 2009
*क्या तुम्हें मुसलमानों के बीच में जाते हुए डर नहीं*
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कल संत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर एक साथी के साथ जाना हुआ.
साथी ने अन्दर जाते हुए एक सवाल पूछा- 'क्या तुम्हें मुसलमानों के बीच में जाते
हुए डर नहीं लगता?' अजीब तरह का सवाल था, उनसे इस तरह के सवाल की उम्मीद नहीं
थी.
मैं देर तक हंसता रहा. उन्हें शायद अपने अजीब तरह के सवाल का इल्म हो गया था.
'नहीं आशीष, पूरी दुनिया में इस समय इस तरह का माहौल बन गया है कि सारे गलत
कामों में मुसलमान शामिल हैं. मैं सिर्फ तुम्हारी राय जानना चाहता हूँ.'
सवाल का जवाब इतना आसान नहीं था. मेरा जवाब 'मैं इस तरह की राय नहीं रखता.'
बिल्कुल इस सवाल के साथ न्याय नहीं था. साथी के सवाल पर आपकी क्या राय है, जरूर
बताएं.
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