[दीवान]अमीर धरती के गरीब लोगों का गुस्सा

reyaz-ul-haque beingred at gmail.com
Tue Dec 29 17:34:56 IST 2009


 अमीर धरती के गरीब लोगों का
गुस्सा<http://hashiya.blogspot.com/2009/12/blog-post_8710.html>
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*सुनीता नारायण*

*भारत* का नक्शा उठाइए और उन जिलों पर निशान लगाइए जहां वन संपदा उपलब्ध है और
जहां पेड़ों का भरापूरा और सघन आवरण मौजूद है। उसके बाद उन पर उन नदियों और
धाराओं को चिह्नित कीजिए जिनसे हमें और हमारी जल संपदा को जीवन मिलता है। फिर
उन पर खनिज भंडारों की खोज कीजिए। इन भंडारों में लौह अयस्क, कोयला, बाक्साइट
और वे सभी खनिज शामिल हैं जिनसे हमारी अर्थव्यवस्था समृद्ध होती है। पर यहीं मत
रुकिए। इस संपदा के ऊपर एक और सूचकांक को चिह्नित कीजिए। वहां उन जिलों की
निशानदेही कीजिए जहां हमारे देश के सबसे गरीब लोग रहते हैं। वे सब हमारे
आदिवासी जिले हैं। यहां आपको एक संपूर्ण तालमेल मिलेगा।

धरती के सबसे समृद्ध इलाके में सबसे गरीब लोग रहते हैं। अब आप देश की इस श्रेणी
वाले हिस्से को लाल रंग से घेर दीजिए। यही वे जिले हैं जहां नक्सलवादी घूमते
रहते हैं। इन्हीं जिलों के बारे में सरकार मानती है कि वहां उन्हें अपने ही
लोगों से युद्ध लड़ना पड़ रहा है। क्योंकि वे आतंक फैलाने और मारने के लिए
बंदूक उठा चुके हैं। खराब विकास के इस सबक को हमें ध्यान से समझना चाहिए।

आइए इस मानचित्र में पिछले कुछ हफ्तों की घटनाओं को पिरोएं। मधु कोड़ा झारखंड
राज्य के करीब एक साल तक मुख्यमंत्री थे। वह राज्य खनिज और वन संपदा से समृद्ध
है पर वहां के लोग गरीब हैं। आज जांच एजंसियों को पता चला है कि वहां सारे
घोटालों का बाप मौजूद है। उन्होंने वहां मधु कोड़ा और उनके सहयोगियों के पास से
चार हजार करोड़ का घोटाला पकड़ा है। उन्होंने राज्य को लूट कर अपनी अकूत
संपत्ति बनाई थी। इतनी बड़ी राशि का घोटाला राज्य के सालाना बजट का पांचवां
हिस्सा है। उससे भी बड़ी बात यह है कि यह घोटाला उन खनिजों के माध्यम से किया
गया है जिन्होंने अपनी जनता को कभी समृद्ध नहीं बनाया।
*पूरा पढ़िए : अमीर धरती के गरीब लोगों का
गुस्सा<http://hashiya.blogspot.com/2009/12/blog-post_8710.html>
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