[दीवान]इन लौंडों को क्यों बर्बाद कर रहे हो रवीश

vineet kumar vineetdu at gmail.com
Mon May 4 14:33:58 IST 2009


हमारे और रवीश कुमार के बीच आज अगर कोई बूढ़ा-बुजुर्ग आ जाए तो एक बार तो जरुर
कहेगा-ये लौंडे तो पहले से ही खत्तम हैं,तुम इन्हें और क्यों बर्बाद कर रहे
हो,रवीश? फेसबुक पर रवीश कुमार से जो भी जुड़े हैं,उन्हें पता है कि वो वहां
क्या खेल करते हैं। पांच-छः घंटे पर कोई छोटा-सा संदेश चस्पा जाते हैं। इस
संदेश की लिपि अंग्रेजी में होती है जबकि बातें खाटी हिन्दी या कभी-कभी उर्दू
टच लिए। शायद इसलिए कि ज्यादातक संदेश मोबाइल से भेजी होती है। उसके बाद इस पर
कमेंट करनेवाले लोगों के बीच आपाधापी मच जाती है। इसकी बोहनी(शुरुआत)ज्यादातर
गिरीन्द्र से होती है। उसके बाद चंडीदत्त शुक्ल,इरशाद अली, सुशील कुमार
छौक्कर,साजिद खान और भी दुनियाभर के लोग। पहले मैं फेसबुक को रोजाना नहीं देखता
था लेकिन जिस तरह से लोगों ने इसे गर्माना शुरु कर दिया है कि दिनभर में एक-दो
बार देखे बिना चैन नहीं पड़ता। रवीश अक्सर दो लाइन लिखकर ब्राइकेट में सस्ता
शेर या चीप शायरी लगाकर कंटेट को क्लियर कर देते हैं। बाकी बातों पर तो नहीं
लेकिन सस्ता शेर पर मैं कमेंट करने से अपने को रोक नहीं पाता। यहां मैं अक्सर
स्त्रीलिंग भाषा का प्रयोग करते हुए कमेंट करता हूं,कुछ-कुछ हिन्दी के आदि
कवियों की नकल करते हुए। क्योंकि रवीश सस्ता शेर के नाम पर जो कुछ भी लिखते
हैं, उसे पढ़ते हुए पता नहीं क्यों मुझे लगता है कि लड़कियों को इसका जबाब देना
चाहिए। मैं उनके वीहॉफ पर जबाब देता हूं। जिस दिन से लड़कियां जबाब देना शुरु
कर देगी, मैं स्त्रीलिंग-भाषा का प्रयोग बंद कर दूंगा। फिलहाल सस्ता शेर और
जबाबी कारवाई से गुजरते हुए मजे लें-

1. is shehar me hur baat achhi hoti hai, sachhi mulaaqaaten bhi jhoothi
lagteen hain,khat parhne ke baad vo hanstee rahtee hai,jhoothe alfaazo ko
sachha samajhtee hai(cheap shayri)

जबाब- पढ़ती हूं अल्फ़ाजों को और हंसती हूं तुम्हारी कोशिशों पर
कि झूठ लिखकर भी तुम सच के एहसास को जिंदा रखना चाहते हो..

2.is shehar me hur baat achhi hoti hai,vo nahee aateen to mulaqaat kisi aur
se ho jaatee hai. (Cheap shayari)


जबाब- शहर में आकर तुम मर्द कितने सतर्क हो जाते हो
मोहब्बत में भी बेकअप रखते हो

3.Qatal bhi hum hue aur qaatil bhi kehlaaye,muqadma chalne se pehle, faislaa
ho gaya

जबाब- कि जिसने कातिल किया है जिसको और
जो कातिल हुआ है जिससे
वो जमाने को न बताए कभी कि
कातिल होने और करने की सजा क्या होती है।.

4.Is july me sanam, hum baadal ban jaayegaa, barsenge august bhar,phir ghum
ho jaayenge.

जबाब- तुमने बहुत देर कर दी मेरे हमदम
हम तो मार्च से ही पसीना बनकर
रिक्शेवालों की पीठ पर बहते रहे
वो हीरामन बन गया
और हम गमछा थमाने लगे

5.Humne dil kisi ka na torha mohabbat me, hur toote dilwaalo ka thikana hai
meraa dil

जबाब- hasrat thi ki kabhi mohabbat me na tute kisi ka dil
tute to jud jaayae fir,kabhi kabaadkhana na bane mera dil

6.दुनिया की सारी बेवफाओं से आबाद है मेरी शायरी। रोते हुए आशिकों ने सींचा है
मेरी नज़्मों का बागीचा।। cheap shaayri is back

जबाब- दर्द के खाद पड़ते रहे इन नज़्म की जड़ों में
बिना जमाने की खौफ़ के,बेख़ौफ बढ़ता रहा बगीचा

7.Cheap shayari- sitaaro ki tarah jhilmilaane ki zarurat nahee, mere chaand
ko itraane ki zarurat nahee, door se hi achhi lagtee ho tum, ghar aane ki
zarurat nahee

जबाब- तो फिर तुम भी खिड़की पर ही नजर बनाए रखना
दरवाजे पर की दस्तक सुनने की कोई जरुरत नहीं

8. Ek sms se hee baat ban gayee,baarish se pehle vo aa gayee,mulaqaat ka
vaqt kum milaa,jo bhi milaa, kaafi lagaa

जबाब- जिंदगी भर तक मथ्था टेका,मिला नहीं मुझे ईश
बस एक एसएमएस जो किया,डेट पर मिले रवीश
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