[दीवान]पहली मुलाक़ात में छूने से बचें
shashi kant
shashikanthindi at gmail.com
Thu Aug 12 23:08:37 IST 2010
मित्रो,
कॉमनवेल्थ गेम्स में अब सिर्फ पचास दिन बाकी रह गए हैं. तैयारियों में देरी,
घोटाले आदि पर हो रही राजनीति से ज़्यादा ज़रूरी है कि हम इस खेल को सुचारू ढंग
से संपन्न कराने में योगदान करें, खास कर हम दिल्लीवासियों के कंधे पर बड़ी
ज़िम्मेदारी है. इस तैयारी के दौरान जो भी त्रुटियाँ हुईं हम उन पर गेम के बाद
वाद, विवाद, संवाद, जांच और सजा आदि तय करेंगे. आख़िर हम एक लोकतांत्रिक मुल्क़
के नागरिक हैं.
बहरहाल, खिलाड़ियों क साथ-साथ दुनिया भर के लाखों लोग हमारे दिल्ली शहर में
तशरीफ़ ला रहे हैं. हम हिन्दुस्तानियों को मेहमाननवाजी कि महान परम्परा विरासत
में मिली है. आज ही बीबीसी हिंदी.कॉम पर दो साल बाद लंदन में होनेवाले ओलंपिक
खेल के दौरान दुनिया भर से ब्रिटेन आने वाले मेहमानों का स्वागत ठीक से हो इसके
लिए वहां कि पर्यटन एजेंसी के अधिकारियों ने एक गाइड जारी की है.
इस गाइड के जारी करने का उद्देश्य यह है कि ओलम्पिक के दौरान दुनिया भर से
ब्रिटेन आने वाले मेहमानों का स्वागत ठीक से हो. वहां के पर्यटन विभाग का मानना
है कि यदि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग, जैसे- होटल वाले, टैक्सी वाले,
दुकानदार आदि, विदेशी मेहमानों की सांस्कृतिक संवेदनशीलता का ख़ास ध्यान रखें
तो ओलम्पिक के दौरान ब्रिटेन को पर्यटकों से होने वाली आमदनी 60 प्रतिशत तक बढ़
सकती है. मुझे लगता है कि कॉमनवेल्थ गेम्स के सन्दर्भ में ब्रिटिश पर्यटन
अधिकारियों द्वारा जारी की गई यह सूची हमारे लिए भी अहम् मायने रखती है.
*बीबीसी हिंदी.कॉम से साभार - शशिकांत *
ब्रिटेन की राष्ट्रीय पर्यटन एजेंसी विजिटब्रिटेन की गाइड में विस्तार से बताया
गया है कि किस देश के पर्यटकों से किस तरह पेश आना चाहिए. भारतीयों के बारे में
भी विजिटब्रिटेन की गाइड में कई बातें कही गई हैं. जैसे-
*कि**सी भारतीय से पहली बार मिल रहे हों तो उन्हें छूने या उनके ज़्यादा निकट
जाने से बचें. यदि कोई भारतीय ज़ोरज़ोर से बोलते हुए नज़र आए या विनम्र नहीं
दिखे रहा हो, तो घबराएँ नहीं...धैर्य रखें क्योंकि भारतीय आमतौर पर भीड़ और
शोरगुल वाली पृष्ठभूमि से आते हैं.वैसे भारतीयों के बारे में गाइड में एक अच्छी
बात का भी उल्लेख है कि यदि चीज़ें व्यवस्थित दिख रही हों तो भारतीय इस बात की
खुल कर तारीफ़ करने से पीछे नहीं हटते.*
*कोई जापानी मुस्कुरा रहा हो तो कोई ज़रूरी नहीं कि वो ख़ुश ही हो क्योंकि
जापानी आम तौर पर क्रोधित, उदासी या निराशा की स्थिति में मुस्कुराते हैं. किसी
जापानी को घूर कर देखना या उससे आँखें मिलाना भी ठीक नहीं है. एक जापानी के
सामने बैठे हों तो प्रयास इस बात का करें कि आपके जूते के सोल उन्हें नहीं
दिखे.*
*हांगकांग के किसी व्यक्ति से बातचीत में अंगुली नहीं दिखाएँ. ज़रूरी ही पड़
जाए तो पूरे हाथ से इशारा करें. बातचीत में नाकामी, ग़रीबी या मौत के ज़िक्र से
हांगकांग से आया पर्यटक आहत महसूस कर सकता है.
*
*संयुक्त अरब अमीरात के किसी पर्यटक से ये नहीं कहें कि उसे क्या करना है...वो
बुरा मान जाएगा.*
*दक्षिण अफ़्रीका के किसी व्यक्ति से मुलाक़ात हो तो उसके सामने भूल कर भी अपने
अंगूठे को दो अंगुलियों के बीच नहीं दबाएँ क्योंकि इसे वो अश्लील इशारे के रूप
में लेगा.*
*किसी ब्राज़ीलियन से उम्र, वेतन या शादी जैसी व्यक्तिगत बातें कभी नहीं पूछें.
किसी ब्राज़ीलिन को अर्जेंटीनीयिन नहीं कहें. दोनों देशों के बीच बहुत
प्रतिद्वंद्विता है.*
*इसी तरह कनाडा का कोई व्यक्ति ख़ुद को अमरीकी कहे जाने पर अपमानित महसूस कर
सकता है.*
*मेक्सिको के किसी पर्यटक के साथ बातचीत में ग़रीबी, दूसरे ग्रह के जीव, भूकंप
या मेक्सिको और अमरीका के बीच 1845 में हुई लड़ाई का ज़िक्र नहीं करें.*
*यदि 'थैंक्यू' कहने पर कोरियाई पर्यटक 'नो-नो' कहे तो घबराएं नहीं क्योंकि इस
स्थिति में नहीं-नहीं का मतलब हुआ- यू आर वेलकम!*
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