[दीवान]लालित्य: हिन्दी ब्लॉग एग्रीगेटर

ravikant ravikant at sarai.net
Fri Jan 14 16:03:39 IST 2011


पढ़ें, इस्तेमाल करें, मज़े लें।

रविकान्त
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लालित्य: हिन्दी ब्लॉग एग्रीगेटर
 

लालित्य ब्लॉग एग्रीगेटर

लालित्य (www.lalitkumar.in/agr) एक नया हिन्दी ब्लॉग एग्रीगेटर है। यह मेरे लिए तो 
नया नहीं हैं क्योंकि मैं इसे अपने व्यक्तिगत प्रयोग के लिए काफ़ी समय से इस्तेमाल करता आ 
रहा हूँ। हिन्दी में हज़ारों की संख्या में ब्लॉग्स लिखे जाते हैं लेकिन उनमें केवल कुछ सौ ब्लॉग्स 
ही गुणवत्ता के पैमानों पर कुछ हद तक खरे उतरते हैं। अब से पहले जो भी ब्लॉग एग्रीगेटर रहे 
हैं (जैसे कि नारद, ब्लॉगवाणी, चिठ्ठाजगत आदि) उन्होनें अपने काम को बखूबी अंजाम दिया 
और हिन्दी ब्लॉगिंग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की; लेकिन ये सभी बंद हो गए।

मुझे ये एग्रीगेटर्स अधिक पसंद नहीं थे क्योंकि इन पर हज़ारों ब्लॉग्स रजिस्टर्ड थे और मैं जब 
भी इन एग्रीगेटर्स पर जाता था तो मुझे नई पोस्ट्स की एक बाढ़ आई हुई दिखाई देती थी। 
पता ही नहीं चलता था कि क्या पढ़ने लायक है और क्या नहीं। इतना समय मेरे पास नहीं 
होता कि मैं रोज़ पचास पोस्ट्स खोलकर देखूं। इसलिए मैंने अपने ख़ुद के लिए एक अलग एग्रीगेटर 
बना लिया। इसमें मैनें केवल वही ब्लॉग्स संकलित किये जो मुझे पसंद थे। इससे मुझे कम समय 
लगाकर अच्छी पोस्ट्स पढ़ने में सुविधा होने लगी।

हालहि में मैनें देखा कि चिठ्ठाजगत बड़ी बुरी हालत में पँहुच गया है। मुझे नहीं पता कि इसकी 
वर्तमान हालत के पीछे क्या कारण हैं और ये भी नहीं पता कि यह बंद हो चुका है या नहीं।

मुझे लगा कि जब मेरे पास लालित्य बना-बनाया रखा है और चल भी रहा है तो क्यों ना इसे 
सार्वजनिक प्रयोग के लिए खोल दिया जाए। मैनें लालित्य को सबके प्रयोग हेतु उपयुक्त बनाने 
के लिए इसके कोड में कुछ बदलाव किए और इसे सार्वजनिक कर दिया लेकिन इसकी आधारभूत 
परिकल्पना पहले जैसी ही है। इसमें अभी भी मैं केवल और केवल ऐसे ही ब्लॉग्स संकलित कर रहा 
हूँ जो अच्छे हैं।

अब लालित्य के संदर्भ में “अच्छे ब्लॉग” की परिभाषा को जान लेना भी ज़रूरी है। किसी भी 
ब्लॉग को संकलित करने से पहले मैं यह देखता हूँ कि ब्लॉग कितना पुराना है और कितनी 
नियमितता के साथ उस पर सामग्री पोस्ट होती है। लगातार अपडेट होने वाले ब्लॉग लालित्य 
के लिए उपयुक्त हैं। रुके हुए या बहुत कम अपडेट होने वाले ब्लॉग्स के संबंध में मैं यह मान लेता हूँ 
कि उस ब्लॉग के लेखक अपने लेखन को अधिक गंभीरता से नहीं लेते (यह बात आपको ग़लत लग 
सकती है लेकिन मेरा अनुभव यही कहता है)। इसके बाद मैं यह देखता हूँ कि ब्लॉग पर क्या 
लिखा जाता है और उसकी गुणवत्ता कैसी है। मैं उन ब्लॉग्स को विशेष महत्व देता हूँ जो ऐसे 
विषयों के बारे में लिखे जिन पर अन्य ब्लॉग्स बहुत कम लिखते हैं (जैसे कि विज्ञान)। सामग्री 
को देखकर मैं लेखक के उत्साह, रुचि और सक्रियता को भी आंकने की कोशिश करता हूँ। इस सबके 
बाद मैं लालित्य में उस ब्लॉग को संकलित करने या ना करने के बारे में कोई निर्णय लेता हूँ।

लालित्य आपके लिए कई मायनों में लाभकर है क्योंकि

    * यह आपको अच्छी सामग्री तक आसानी से पँहुचने में सहायता करता है
    * गुणवत्ता में कमतर सामग्री आपके समक्ष नहीं आती
    * जब भी आप लालित्य पर आते हैं तो आपको नए पोस्ट्स अपेक्षाकृत कम मिलते हैं –इससे 
आपको क्या पढ़ना है –यह चयन करने में आसानी होती है

लालित्य एक एग्रीगेटर है और यह केवल संकलन का काम ही काम करता है। अच्छी सामग्री को 
एकत्र करके आपके सामने रखना लालित्य का एकमात्र काम है।

    * इसका रूप-रंग एकदम सीधा-सादा है
    * यह आपको लॉगिन करने को नहीं कहता
    * यह किसी भी पोस्ट को पसंद किए जाए का विकल्प नहीं देता। इसलिए सभी पोस्ट 
समान स्तर पर बनी रहती हैं (यदि आपको कोई पोस्ट पसंद आई है तो आप उसके ब्लॉग पर एक 
अच्छी टिप्पणी करके अपनी पसंद ज़ाहिर कर सकते हैं।)

लालित्य में मैं कुछ सुविधाएँ भविष्य में जोडूंगा जिनका मकसद केवल इतना होगा कि आप अपनी 
पसंदीदा जानकारी तक और शीघ्रता से पँहुच सकें।

लालित्य का उद्देश्य हिन्दी के हज़ारों ब्लॉग्स को संकलित करने का नहीं है। लालित्य केवल उन 
500 ब्लॉग्स को संकलित करेगा जो सबसे अच्छे होंगे। लालित्य को भीड़ नहीं गुणवत्ता चाहिए।

आशा है कि आपको लालित्य पसंद आ रहा है। आपके अनुरोध है कि इसके बारे में अन्य लोगो को 
बताकर या अपने ब्लॉग पर इसके बारे में लिखकर अन्य लोगो को भी इसकी जानकारी दें।

यदि आपके ब्लॉग पर लालित्य की विजेट नहीं है तो आप विजेट को लगा सकते हैं –इसके लिए 
कोड आपको लालित्य की साइट (www.lalitkumar.in/agr) पर मिल जाएगा।

*लालित्य (www.lalitkumar.in/agr <http://www.lalitkumar.in/agr>) एक नया 
हिन्दी ब्लॉग एग्रीगेटर है।* यह मेरे लिए तो नया नहीं हैं क्योंकि मैं इसे अपने व्यक्तिगत 
प्रयोग के लिए काफ़ी समय से इस्तेमाल करता आ रहा हूँ। हिन्दी में हज़ारों की संख्या में 
ब्लॉग्स लिखे जाते हैं लेकिन उनमें *केवल कुछ सौ ब्लॉग्स ही गुणवत्ता के पैमानों पर कुछ हद तक 
खरे उतरते हैं।* अब से पहले जो भी ब्लॉग एग्रीगेटर रहे हैं (जैसे कि नारद, ब्लॉगवाणी, 
चिठ्ठाजगत आदि) उन्होनें अपने काम को बखूबी अंजाम दिया और हिन्दी ब्लॉगिंग को आगे बढ़ाने 
में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की; लेकिन ये सभी बंद हो गए।

मुझे ये एग्रीगेटर्स अधिक पसंद नहीं थे क्योंकि इन पर हज़ारों ब्लॉग्स रजिस्टर्ड थे और मैं *जब 
भी इन एग्रीगेटर्स पर जाता था तो मुझे नई पोस्ट्स की एक बाढ़ आई हुई दिखाई देती थी। 
पता ही नहीं चलता था कि क्या पढ़ने लायक है और क्या नहीं। इतना समय मेरे पास नहीं 
होता कि मैं रोज़ पचास पोस्ट्स खोलकर देखूं।* इसलिए मैंने अपने ख़ुद के लिए एक अलग एग्रीगेटर 
बना लिया। इसमें मैनें केवल वही ब्लॉग्स संकलित किये जो मुझे पसंद थे। इससे मुझे कम समय 
लगाकर अच्छी पोस्ट्स पढ़ने में सुविधा होने लगी।

हालहि में मैनें देखा कि चिठ्ठाजगत बड़ी बुरी हालत में पँहुच गया है। मुझे नहीं पता कि इसकी 
वर्तमान हालत के पीछे क्या कारण हैं और ये भी नहीं पता कि यह बंद हो चुका है या नहीं।

*मुझे लगा कि जब मेरे पास लालित्य बना-बनाया रखा है और चल भी रहा है तो क्यों ना इसे 
सार्वजनिक प्रयोग के लिए खोल दिया जाए।* मैनें लालित्य को सबके प्रयोग हेतु उपयुक्त बनाने 
के लिए इसके कोड में कुछ बदलाव किए और इसे सार्वजनिक कर दिया लेकिन इसकी आधारभूत 
परिकल्पना पहले जैसी ही है। इसमें अभी भी मैं केवल और केवल ऐसे ही ब्लॉग्स संकलित कर रहा 
हूँ जो अच्छे हैं।

अब लालित्य के संदर्भ में *“अच्छे ब्लॉग” की परिभाषा* को जान लेना भी ज़रूरी है। किसी भी 
ब्लॉग को संकलित करने से पहले मैं यह देखता हूँ कि ब्लॉग कितना पुराना है और कितनी 
नियमितता के साथ उस पर सामग्री पोस्ट होती है। लगातार अपडेट होने वाले ब्लॉग लालित्य 
के लिए उपयुक्त हैं। रुके हुए या बहुत कम अपडेट होने वाले ब्लॉग्स के संबंध में मैं यह मान लेता हूँ 
कि उस ब्लॉग के लेखक अपने लेखन को अधिक गंभीरता से नहीं लेते (यह बात आपको ग़लत लग 
सकती है लेकिन मेरा अनुभव यही कहता है)। इसके बाद मैं यह देखता हूँ कि ब्लॉग पर क्या 
लिखा जाता है और उसकी गुणवत्ता कैसी है। मैं उन ब्लॉग्स को विशेष महत्व देता हूँ जो ऐसे 
विषयों के बारे में लिखे जिन पर अन्य ब्लॉग्स बहुत कम लिखते हैं (जैसे कि विज्ञान)। सामग्री 
को देखकर मैं लेखक के उत्साह, रुचि और सक्रियता को भी आंकने की कोशिश करता हूँ। इस सबके 
बाद मैं लालित्य में उस ब्लॉग को संकलित करने या ना करने के बारे में कोई निर्णय लेता हूँ।

*लालित्य आपके लिए कई मायनों में लाभकर है क्योंकि*

    * यह आपको अच्छी सामग्री तक आसानी से पँहुचने में सहायता करता है
    * गुणवत्ता में कमतर सामग्री आपके समक्ष नहीं आती
    * जब भी आप लालित्य पर आते हैं तो आपको नए पोस्ट्स अपेक्षाकृत कम मिलते हैं –इससे
      आपको क्या पढ़ना है –यह चयन करने में आसानी होती है

*लालित्य एक एग्रीगेटर है और यह केवल संकलन का काम ही काम करता है।* अच्छी सामग्री 
को एकत्र करके आपके सामने रखना लालित्य का एकमात्र काम है।

    * इसका रूप-रंग एकदम सीधा-सादा है
    * यह आपको लॉगिन करने को नहीं कहता
    * यह किसी भी पोस्ट को पसंद किए जाए का विकल्प नहीं देता। इसलिए सभी पोस्ट
      समान स्तर पर बनी रहती हैं (यदि आपको कोई पोस्ट पसंद आई है तो आप उसके ब्लॉग
      पर एक अच्छी टिप्पणी करके अपनी पसंद ज़ाहिर कर सकते हैं।)

लालित्य में मैं कुछ सुविधाएँ भविष्य में जोडूंगा जिनका मकसद केवल इतना होगा कि आप अपनी 
पसंदीदा जानकारी तक और शीघ्रता से पँहुच सकें।

लालित्य का उद्देश्य हिन्दी के हज़ारों ब्लॉग्स को संकलित करने का नहीं है। *लालित्य केवल 
उन 500 ब्लॉग्स को संकलित करेगा जो सबसे अच्छे होंगे।* लालित्य को भीड़ नहीं गुणवत्ता चाहिए।

*आशा है कि आपको लालित्य पसंद आ रहा है। आपके अनुरोध है कि इसके बारे में अन्य लोगो को 
बताकर या अपने ब्लॉग पर इसके बारे में लिखकर अन्य लोगो को भी इसकी जानकारी दें।*

*यदि आपके ब्लॉग पर लालित्य की विजेट नहीं है तो आप विजेट को लगा सकते हैं –इसके लिए 
कोड आपको लालित्य की साइट **(www.lalitkumar.in/agr 
<http://www.lalitkumar.in/agr>) **पर मिल जाएगा।*



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