'आकुपाई वाल स्ट्रीट' ने कार्पोरेट लूट तंत्र के अमेरिकी मॉडल पर पुनर्विचार की सम्भावना के द्वार खोले हैं पर ऐसा लगता है की हमारा हिंदी बौद्धिक समुदाय अभी इस पर चिंतन के लिए तैयार नहीं है ! -------------- next part -------------- An HTML attachment was scrubbed... URL: <http://mail.sarai.net/pipermail/deewan/attachments/20111118/e2bf0cce/attachment.html>