[दीवान]हमारे अनुभव से ही बनता है नाटक

Ashish Kumar 'Anshu' ashishkumaranshu at gmail.com
Sat Jun 2 14:05:03 IST 2012


हिन्दी थिएटर में रूचि रखने वालों के लिए अरविन्द गौड़ का नाम जाना पहचाना है.
तुगलक (गिरिश कर्नाड), कोर्ट मार्शल (स्वदेश दीपक), हानूश (भीष्म साहनी) और
धर्मवीर भारती की अंधा युग जैसे दर्जनों नाटकों के सैकड़ो शो उन्होंने किए हैं.
‘कोर्ट मार्शल’ का ही अब तक लगभग पांच सौ बार प्रदर्शन हो चुका है. पुलिस की
कस्टडी में होने वाली मौत हो या पारिवारिक हिंसा, लड़कियों के साथ छेड़छाड़, यौन
हिंसा हो या फिर घर के काम के लिए आदिवासी इलाकों से लाई जाने वाली महिलाओं का
उत्पीड़न, ये सारे मुद्दे बार-बार अरविन्द गौड़ के नाटकों में प्रश्न बनकर सामने
आते हैं. अरविन्द गौड़ के लिए थिएटर, मन विलास का साधन नहीं बल्कि परिवर्तन का
टूल है. प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश.
http://raviwar.com/baatcheet/b47_interview-with-arvind-gaur-by-ashish-anshu.shtml

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आशीष कुमार 'अंशु'
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