[दीवान]Fwd: अनुपम मिश्र
Ravikant
ravikant at sarai.net
Fri Aug 2 03:05:52 CDT 2013
अगस्त 2013 में इंडिया हैबिटैट सेंटर की सांस्कृतिक गतिविधियों के सफर के 15
साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके से सेंटर की तरफ से कुछ विशेष आयोजन किये जा रहे
हैं, जिनमें एक प्रमुख है- देश के जानेमाने पर्यावरणविद *अनुपम मिश्र *का
व्याख्यान. विषय है-* राज, समाज और पानी*. विषय के बारे में श्री मिश्र का
कहना है कि "पानी न बरसे तो मुश्किल, ठीक से बरस जाए तो मुश्किल". इस दोतरफा
मुश्किल के बीच फंसा है मनुष्य. ऐसे में राज और समाज की भूमिका क्या बनती है,
पानी को लेकर भविष्य की चुनौतियां क्या हैं, इसी बारे में नए सन्दर्भों में
अनुपम जी अपना व्याख्यान देंगे.
अनुपम मिश्र गांधीवादी पर्यावरणविद् हैं. आपने बाढ़ के पानी के प्रबंधन और
तालाबों द्वारा उसके संरक्षण की युक्ति के विकास से सम्बंधित महत्वपूर्ण काम
किया है. 2001 में दिल्ली में स्थापित हुए सेंटर फार एनवायरमेंट एंड फूड
सिक्योरिटी के संस्थापक सदस्यों में से आप एक हैं. उत्तराखंड के 'चिपको
आंदोलन' में भी आपकी सहभागिता रही है. आपकी पुस्तक 'आज भी खरे हैं तालाब'
ब्रेल लिपि सहित 13 भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी है, जिसकी 1 लाख से अधिक
प्रतियाँ बिक चुकी हैं. ध्यान रहे कि अनुपम जी ने इस किताब को शुरू से ही
कॉपीराइट से मुक्त रखा है. आप राजेन्द्र सिंह द्वारा स्थापित 'तरूण भारत संघ'
के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे हैं. 1996 में आपको 'इंदिरा गांधी पर्यावरण
पुरस्कार' से भी सम्मानित किया जा चुका है. 2009 में आपने टेड (टेक्नोलॉजी
एंटरटेनमेंट एंड डिजाइन) द्वारा आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया. 2011 में
आपको देश के प्रतिष्ठित 'जमनालाल बजाज पुरस्कार' से सम्मानित किया गया. मध्यप्रदेश
सरकार के 'चंद्रशेखर आज़ाद राष्ट्रीय पुरस्कार', कृष्ण बलदेव वैद पुरस्कार के
अलावा भी कई अन्य सम्मानों से सम्मानित अनुपम मिश्र जी की 'आज भी खरे हैं
तालाब', 'राजस्थान की रजत बूँदें', 'साफ माथे का समाज' समेत एक दर्जन से अधिक
छोटी-बड़ी पुस्तकें प्रकाशित हैं. ऐसे विलक्षण व्यक्तित्व को विशेष व्याख्यान
के लिए आमंत्रित कर इंडिया हैबिटैट सेंटर अपने आप में गर्व का अनुभव कर रहा
है.
आप सब अपनी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के साथ आयें, अनुपम जी से संवाद करें, यही
इस व्याख्यान-आयोजन की सार्थकता होगी.
*राज, समाज और पानी*
*अनुपम मिश्र का विशेष व्याख्यान*
*शाम 7 बजे, मंगलवार, 6 अगस्त 2013 *
*स्टाइन ऑडीटोरियम, इंडिया हैबिटैट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली (प्रवेश गेट
न.- 3 से)*
*_________________________________________*
प्रवेश सबके लिए नि:शुल्क
विशेष जानकारी के लिए संपर्क करें: हैबिटैट प्रोग्राम्स- 011-43663080/3090
2013/7/27 habitatprogrammes <habitatprogrammes at gmail.com>
> ho.43663080/3090
>
>
> 2013/7/27 habitatprogrammes <habitatprogrammes at gmail.com>
>
>> India habitat Centre ke Sanskritik gatividhion ke 15 saal poore hore hain
>> Aug 2013 main
>>
>>
>> 2013/7/27 Satyanand Nirupam <s.s.nirupam at gmail.com>
>>
>>> ... ... ... ...
>>>
>>> इंडिया हैबिटैट सेंटर की स्थापना के 15 साल अगस्त 2014 में पूरे हो रहे
>>> हैं. इस मौके से सेंटर की तरफ से कुछ विशेष आयोजन किये जा रहे हैं, जिनमें एक
>>> प्रमुख है- देश के जानेमाने पर्यावरणविद *अनुपम मिश्र *का व्याख्यान. विषय
>>> है-* राज, समाज और पानी*. विषय के बारे में श्री मिश्र का कहना है कि
>>> "पानी न बरसे तो मुश्किल, ठीक से बरस जाए तो मुश्किल". इस दोतरफा मुश्किल के
>>> बीच फंसा है मनुष्य. ऐसे में राज और समाज की भूमिका क्या बनती है, पानी को
>>> लेकर भविष्य की चुनौतियां क्या हैं, इसी बारे में नए सन्दर्भों में अनुपम जी
>>> अपना व्याख्यान देंगे.
>>>
>>> अनुपम मिश्र गांधीवादी पर्यावरणविद् हैं. आपने बाढ़ के पानी के प्रबंधन और
>>> तालाबों द्वारा उसके संरक्षण की युक्ति के विकास से सम्बंधित महत्वपूर्ण काम
>>> किया है. 2001 में दिल्ली में स्थापित हुए सेंटर फार एनवायरमेंट एंड फूड
>>> सिक्योरिटी के संस्थापक सदस्यों में से आप एक हैं. उत्तराखंड के 'चिपको
>>> आंदोलन' में भी आपकी सहभागिता रही है. आपकी पुस्तक 'आज भी खरे हैं तालाब'
>>> ब्रेल लिपि सहित 13 भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी है, जिसकी 1 लाख से अधिक
>>> प्रतियाँ बिक चुकी हैं. ध्यान रहे कि अनुपम जी ने इस किताब को शुरू से ही
>>> कॉपीराइट से मुक्त रखा है. आप राजेन्द्र सिंह द्वारा स्थापित 'तरूण भारत
>>> संघ' के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे हैं. 1996 में आपको 'इंदिरा गांधी पर्यावरण
>>> पुरस्कार' से भी सम्मानित किया जा चुका है. 2009 में आपने टेड (टेक्नोलॉजी
>>> एंटरटेनमेंट एंड डिजाइन) द्वारा आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया. 2011 में
>>> आपको देश के प्रतिष्ठित 'जमनालाल बजाज पुरस्कार' से सम्मानित किया गया. मध्यप्रदेश
>>> सरकार के 'चंद्रशेखर आज़ाद राष्ट्रीय पुरस्कार', कृष्ण बलदेव वैद पुरस्कार के
>>> अलावा भी कई अन्य सम्मानों से सम्मानित अनुपम मिश्र जी की 'आज भी खरे हैं
>>> तालाब', 'राजस्थान की रजत बूँदें', 'साफ माथे का समाज' समेत एक दर्जन से अधिक
>>> छोटी-बड़ी पुस्तकें प्रकाशित हैं. ऐसे विलक्षण व्यक्तित्व को विशेष व्याख्यान
>>> के लिए आमंत्रित कर इंडिया हैबिटैट सेंटर अपने आप में गर्व का अनुभव कर रहा
>>> है.
>>> आप सब अपनी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के साथ आयें, अनुपम जी से संवाद करें,
>>> यही इस व्याख्यान-आयोजन की सार्थकता होगी.
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>>> *राज, समाज और पानी*
>>> *अनुपम मिश्र का विशेष व्याख्यान*
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>>> *शाम 7 बजे, मंगलवार, 6 अगस्त 2013 *
>>> *स्टाइन ऑडीटोरियम, इंडिया हैबिटैट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली (प्रवेश
>>> गेट न.- 3 से)*
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