[दीवान]गांधी का कपार संडास है लेकिन संडास ?
vineet kumar
vineetdu at gmail.com
Tue Jun 17 01:49:44 CDT 2014
गाँधी भक्तों ! तुम्हारी गाँधी के प्रति अपार श्रद्धा से हम पूरी तरह वाकिफ
हैं..देशभर के न जाने कितने चौराहे पर गांधी कि इतनी सुन्दर और सपाट कपार की
मूर्तियाँ बनवाई है कि चील-कौवे,कबूतरों को हगने-मूतने के लिये जगह तलाशनी
नहीं पड़ती..गाँधी का कपार उनके लिये फाइव स्टार संडास है..बस ये है कि
वातानुकूलित नहीं है..लेकिन
जो गांधी इंसानों के शौचालय को लेकर इतने गंभीर रहे, उनके नाम की बनी जगह पर
हम जैसे छ ट पटा कर रह जाते हैं.ऐसी जगह पर शू-शू आने के पहले उल्टियाँ आनी
शुरू हो जाती है..गांधी ने शौचालय को लेकर कितनी बेसिक और गंभीर बातें कही है
लेकिन उनके ही नाम के "गाँधी शांति प्रतिष्ठान" के टॉयलेट की हालत..लज्जा से
सिर झुक जाता है हमारा..मन, आत्मा शुद्धि और कुंडिलनी जागरण करके शून्य चक्र
तक पहुंचने का काम तो बाद में होगा लेकिन शरीर का विकार ही सही से न निकलेगा
तो बाकी को लेकर कच्चू कर लेंगे ?
आप महानुभाव, गाँधी की एकाध मूर्ति कम बनवाकर उस पैसे से टॉयलेट नहीं बनवा
सकते क्या या फिर इसके लिये भी अम्बानी की चैरिटी का इंतज़ार कर रहे है?@ गांधी
शांति प्रतिष्ठान, नई दिल्ली..#दरबदर
<https://www.facebook.com/hashtag/%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B0>
दिल्ली
3
-------------- next part --------------
An HTML attachment was scrubbed...
URL: <http://mail.mail.sarai.net/pipermail/deewan_mail.sarai.net/attachments/20140617/92f31dd3/attachment.html>
More information about the Deewan
mailing list