[Deewan] न्यूज़ चैनलों का सत्यकथाकरण - दूसरी खेप , भाग 1
Ravikant
ravikant at sarai.net
Mon Mar 6 10:52:40 IST 2006
सराय के सभी मित्रों को नमस्कार, दोस्तों, पहली पोस्टिंग में मैंने आपको अपने शोध के विषय में
बताया था। मेरे शोध का विषय है- न्यूज़ चैनलों का सत्यकथाकरण। सामान्य तौर पर ये शोध हिन्दी
समाचार चैनलों के परिप्रेक्ष्य में है। दरअसल, शोध से पहले मुझे समाचार चैनलों पर आने वाले तमाम
अपराध आधारित कार्यक्रमों और समाचारों में सनसनी पैदा करने के प्रयोग ने इतना उत्तेजित किया
कि मैंने इसी विषय को शोध के लिए चुना। शोध पर काम शुरु हुए करीब दो महीने
हो चुके हैं। कई अहम दस्तावेज, लेख वगैरह मैंने जमा किए हैं। लेकिन, अभी तक के
अध्ययन, चिंतन, साक्षात्कार और दर्शकों की प्रतिक्रिया की बात की जाए तो कुछ खास बातें सामने
आयी हैं। इन लघु निष्कर्षों को मैं आपके साथ भी बांटना चाहूंगा। शोध के दौरान अभी तक मैंने देखा
है कि हिन्दी समाचार चैनलों पर करीब 15 क्राइम शो (सनसनी, वारदात, जुर्म, काल-कपाल,
क्राइम रिपोर्टर, क्राइम फाइल, हत्यारा कौन, रेड एलर्ट, गिरफ्तार, एफआईआर, डायल 100,
इंसाफ का तराजू
आदि) इन दिनों प्रसारित हो रहे हैं। कुछ नए कार्यक्रम शुरु होने जा रहे हैं। इसके अलावा, दूसरे
मनोरंजन चैनलों पर भी कुछ ऐसे कार्यक्रम प्रसारित हो रहे हैं। तकरीबन ये सभी क्राइम शो 24 घंटे
में दो से तीन बार दिखाए जाते हैं यानि मूल एपिसोड का एक या दो बार पुन: प्रसारण किया
जाता है। लेकिन,दिलचस्प बात यह है कि इन कार्यक्रमों के अलावा समाचारों में भी सनसनीखेज
समाचार खासी जगह पा रहे हैं। देश के दो प्रमुख न्यूज चैनलों में दो ट्रेंड यह बन गया है कि ऐसी
सनसनीखेज खबरों को आधार बनाकर आनन-फानन में आधे घंटे का कार्यक्रम बना दिया जाए। उदाहरण
के लिए-यदि दोपहर 12 बजे किसी शहर से बलात्कार या हत्या (कुछ हद तक हाई प्रोफाइल) की
खबर आती है, तो उस पर कुछ वक्त बाद पूरे आधे घंटे का कार्यक्रम बना दिया जाए-नाम दिया जा
सकता है- बलात्कार का बम वगैरह वगैरह। इसके अलावा, समाचार चैनलों पर वो खबरें खासतौर पर
जगह पा रही हैं, जिन्हें पत्रकारिता की पुरानी पीढ़ी समाचार मानने से ही इंकार कर सकती है।
मसलन- 150 फीट ऊंचे टॉवर पर चढ़ा एक उन्मादी प्रेमी। पिछले छह महीने का ही जिक्र करें तो
कुंजी लाल (जिसने अपनी मौत का ही ऐलान कर डाला), गजराज से मिला यमराज (जिसमें एक शख्स ने
मरने के बाद यमराज से मिलने का दावा किया), फरीदाबाद मंदिर कांड (जिसमें एक दंपत्ति कुछ
बच्चों को मंदिर में रखते हैं), सांप का भगवत प्रेम (आगरा के गांव में एक सांप रोजाना रामायण पाठ
सुनता था), नौकरानी के बच्चे को पीटने की खबर, इंदौर के खंभे पर चढ़ा नौजवान, दाऊद की
पार्टी, ऑपरेशन दुर्योधन और ऑपरेशन चक्रव्यू, ऑपरेशन घूसमहल, छोटे-मोटे कई स्टिंग ऑपरेशन मुख्य हैं।
क्रमश:...
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