[दीवान] abstract of reaserch work
Rajeev Giri
rajeevgirijnu at rediffmail.com
Sun Feb 18 15:10:21 IST 2007
१९०० ई. में इंडियन प्रेस इलाहाबाद ने सरस्वती नामक पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ किया. इसका पहला अंक जनवरी १९०० में छपा. १९०३ में महावीर प्रसाद द्विवेदी इसके संपदक बने. सरस्वती के प्रकाशन से पहले इलाहाबाद, कुंभ नगरी एवं राजनीति के प्रमुख केन्द्र के रुप में जाना जाता था. इसके प्रकाशन के बाद बनारस के बरक्स इलाहाबाद एक साहित्यिक केन्द्र का रुप अख्तियार करता गया.महावीर प्रसाद द्विवेदी सरस्वती के जरिए हिन्दी भाषा को गढने का काम कर रहे थे.वह हिन्दी कैसी थी? आगे के हिन्दी साहित्य में प्रयुक्त भाषा का निर्धारण बहुत हद तक इसी दौर में हुआ. गद्य के रुप में हिन्दी को स्थापित करने के साथ्-साथ सरस्वती ने पद्य भाषा के तौर पर भी हिन्दी को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की. गौरतलब है कि उस दौर में मुख्य धारा की काव्य भाषा ब्रज भाषा थी. हिन्दी को काव्य भाषा के तौर पर स्थापित करने के लिए काफी बहसोमुबाहसा हुआ था.यह देखना वाजिब है कि खडी बोली के किस रूप को सरस्वती काव्य भाषा के तौर पर स्थापित कर रही थी? सरस्वती से पहले अयोध्या प्रसाद खत्री ने खडी बोली हिन्दी को काव्य भाषा के तौर पर स्थापित करने की कोशिश की थी. सरस्वती और अयोध्या प्रसाद खत्री द्वारा प्रस्तावित काव्य भाषा नीति में क्या रिश्ता था? २० वी सदी के आरंभिक दशको के हिन्दी आन्दोलन के दौर में सरस्वती की क्या भूमिका थी.मैं इस शोध में सरस्वती की सार्वजनिक दुनिया का अध्यन करूंगा.सरस्वती अपने दौर की सबसे महत्वपूर्ण पत्रिका किन वजहो से बनी? मेरा शोध कार्य मूलतः इन्ही सवालो के अध्ययन को लेकर है.
-------------- next part --------------
An HTML attachment was scrubbed...
URL: http://mail.sarai.net/pipermail/deewan/attachments/20070218/511b7365/attachment.html
More information about the Deewan
mailing list