[दीवान]मीडिया के जन सरोकार की इ पत्रिका www.mediamorcha.co.in
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Sun Aug 1 13:07:54 IST 2010
*मीडिया के जन सरोकार की इ पत्रिका *
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www.mediamorcha.co.in<http://www.mediamorcha.co.in>
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Media: landscape is changing <http://mediamorcha.co.in/?p=265>
[image: Media: landscape is changing] SHAN SINGH from USA/ The media is
slowly becoming the mind of many people. Humans all around the world are
subtly, but surely, giving up their own opinion for that of what the media
conjures up. See, the media is an extremely powerful entity, one which has
the capacity of controlling mass numbers of ...
Posted on July 29 2010 Read more... <http://mediamorcha.co.in/?p=261>
कर्तव्य और उद्देश्य के बीच हिचकोले खाता मीडिया<http://mediamorcha.co.in/?p=261>
[image: कर्तव्य और उद्देश्य के बीच हिचकोले खाता मीडिया] रूमी नारायण। किसी ने
सच कहा है कलम की ताकत तलवार की धार से भी तेज होती है। कलम से निकला हर शब्द
बारूद के गोले की तरह अपनी अमिट छाप छोड़ती है। उसके हर शब्द में एक अनकही
कहानी और अनेक महत्वपूर्ण बातें होती है। स्याही के बूंद से बनी शब्दों में
सच्चाई और ...
Posted on July 27 2010 Read more... <http://mediamorcha.co.in/?p=248>
पहली बार हिंदी के पत्रकार बने राज्यसभा की मीडिया सलाहकार समिति के
चेयरमैन<http://mediamorcha.co.in/?p=248>
[image: पहली बार हिंदी के पत्रकार बने राज्यसभा की मीडिया सलाहकार समिति के
चेयरमैन] ख़बर/ नई दिल्ली । हमेशा से अंग्रेजी पत्रकारों को तरजीह देने वाले
राज्यसभा की मीडिया सलाहकार समिति ने पहली बार एक हिन्दी के वरिष्ठ पत्रकार को
अपना अध्यक्ष मनोनित किया है। दैनिक भास्कर समूह से जुड़े पत्रकार उर्मिलेश
राज्यसभा की मीडिया सलाहकार समिति के चेयरमैन मनोनीत किये गये हैं। इससे पहले
अंग्रेजी के पत्रकार ...
Posted on July 26 2010 Read more... <http://mediamorcha.co.in/?p=236>
उपक्रम में बदलते मीडिया के खिलाफ गोलबन्दी <http://mediamorcha.co.in/?p=236>
[image: उपक्रम में बदलते मीडिया के खिलाफ गोलबन्दी] डा. देवाशीष बोस / आजादी
से पूर्व पत्रकारिता खास कर हिन्दी पत्रकारिता का काम देश को अंग्रेजी दासता से
मुक्त कराना था। आजादी के बाद देश का नवनिर्माण पत्रकारिता का लक्ष्य होना
चाहिए था। लेकिन पत्रकारिता ,मीडिया बनते ही अपने लक्ष्य से भटक गया। गणेश शंकर
विद्यार्थी , अम्बिका दत्त बाजपेयी तथा पराकर ...
Posted on July 23 2010 Read more... <http://mediamorcha.co.in/?p=218>
देख तमाशा देख ! <http://mediamorcha.co.in/?p=218>
[image: देख तमाशा देख !] लीना / विधानसभा अध्यक्ष पर चप्पल फेंकी , कुर्सियां
पटकीं , एक दूसरे पर हमला किया , मार्शल पर गमला दे मारा , पिछले कई दिनों से
मीडिया पर बिहार विधानमंडल का यह तमाशा-माननीय विधायकों की जूतम पैजार खूब
देखने को मिल रहा है। और कैमरा को देख-देख कर विधायकों ने भी तमाशा तहेदिल से
...
Posted on July 21 2010 Read more... <http://mediamorcha.co.in/?p=208>
शुभ समाचार <http://mediamorcha.co.in/?p=208>
[image: शुभ समाचार] कविता / शिवानी प्रकाश / अत्याचार भ्रष्टाचार हहाकार यही
है आजकल के समाचार आरुषि रुचिका जेसिका जैसो को अभी भी है न्याय की आस सरकार
कहती है इसी ओर तो चल रहा है प्रयास होगा मां-बाप का नारको टेस्ट लगता है वो है
दोषी फिर छाई लम्बी खामोशी ये है आज के ताजा समाचार कहीं कर रहा किसान
आत्महत्या चारों ओर महंगाई ...
Posted on July 21 2010 Read more... <http://mediamorcha.co.in/?p=204>
भटकाव के राह पर है मीडिया ? <http://mediamorcha.co.in/?p=204>
[image: भटकाव के राह पर है मीडिया ?] कीर्ति सिंह । मीडिया जो हमारे लोकतंत्र
का चौथा खंभा है और इसका काम है लोगों तक सकारात्मक और जन उपयोगी खबरों को पूरी
ईमानदारी के साथ पहुंचाना, जो अपने एथिक्स पर चलता है। लेकिन सच्चाई यह है कि
मीडिया ने अपने ...
Posted on July 19 2010 Read more... <http://mediamorcha.co.in/?p=196>
किसका मीडिया, कैसा मीडिया <http://mediamorcha.co.in/?p=196>
[image: किसका मीडिया, कैसा मीडिया]♦ संजय कुमार / किसका मीडिया, कैसा मीडिया।
जवाब सीधा है, पूंजीपतियों का मीडिया। सामंतों का मीडिया। दलालों का मीडिया।
समरथ को नहीं दोष गोषाईं… आदि-आदि का मीडिया। जी हां, मीडिया की परिभाषा आज बदल
चुकी है। मीडिया यानी खबरों, विचारों और मनोरंजन को लोगों तक पहुंचाना अब गाली
लगती है। खबरें, साबुन, सर्फ, पेस्ट की ...
Posted on July 19 2010 Read more... <http://mediamorcha.co.in/?p=193>
न्याय के पक्ष में खड़ा होना लेखक की जिम्मेदारी है – हृषीकेश सुलभ
(ब्रिटेन के हाउस ऑफ कामन्स में सुलभ को इंदु शर्मा
कथा-सम्मान)<http://mediamorcha.co.in/?p=193>
[image: न्याय के पक्ष में खड़ा होना लेखक की जिम्मेदारी है – हृषीकेश सुलभ
(ब्रिटेन के हाउस ऑफ कामन्स में सुलभ को इंदु शर्मा कथा-सम्मान)] खबर /
ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त नलिन सूरी ने ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ़ कॉमन्स
में हिन्दी लेखक हृषिकेश सुलभ को उनके कथा संकलन ‘वसन्त के हत्यारे’ के लिये
‘सोलहवां अंतर्राष्ट्रीय इन्दु शर्मा कथा सम्मान’ प्रदान किया। इस अवसर पर
उन्होंने ब्रिटेन में बसे हिन्दी लेखक महेन्द्र दवेसर और कादम्बरी मेहरा को
ग्यारहवां पद्मानंद ...
Posted on July 19 2010 Read more... <http://mediamorcha.co.in/?p=190>
एक अख़बार का पहला पन्ना <http://mediamorcha.co.in/?p=190>
[image: एक अख़बार का पहला पन्ना] अरुण लाल।/ सबसे पहले अख़बार का नाम। उसके
बाद एक अधनंगी लडकी (हिरोईन) की तस्वीर जिसके तन पर कपड़ों को तलाशना पड़ता हो।
सम्पादक का मानना है कि मांस का लोथडा देख कर लोग अख़बार खरीदते है. सम्पादक
इसे महिलाओं की आजादी का नाम भी देता है। नीचे किसी महात्मा के बोल है - कर्म
...
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