[दीवान] (no subject)

amitesh kumar amitesh0 at gmail.com
Tue Oct 8 16:13:30 CDT 2013


ऐसा क्या बिहार में ही होना था और वह भी बेगूसराय में! राज्य सरकार, केंद्र
सरकार द्वारा सम्मानित और देश के उभरते हुए रंग निर्देशक प्रवीण कुमार गुंजन
को बिहार पुलिस के एक निर्मम दारोगा और उसके साथियों ने इसलिये बेरहमी से पीटा
क्योंकि उनकी दाढ़ी बढ़ी हुई थी, क्योंकि उन्होंने यह बताने की कोशिश की वे एक
रंगकर्मी है. क्योंकि उन्होंने पुलिस अधिकारी को कहा की आप इसकी ताइद अपने आला
आधिकारियों से कर सकते हैं. बहरी पुलिस ने तब तक पीटा जब तक वे अस्पताल जाने
लायक नहीं हो गये, बिना किसी आपराधिक रिकार्ड के हाजत में रखा..सोचिये बिहार
सरकार जिसको सम्मानित करती है उसके अधिकारी उसे अपमानित करते हैं, सोचिये कि
आम नागरिक किस दहशत में रहते हैं, सोचिये कि बिहार के पुलिस अधिकारी के लिये
एक रंगकर्मी की हैसियत नचनिये बजनिये से अधिक नही हैं. यह लिखते हुए अपने आप
को संयत रखना कठीन है. यह सिर्फ़ उस पुलिस अधिकारी की बर्खास्तगी या निलंबन का
मामला नहीं है. यह आम जनता के प्रति पुलिस के आपराधिक रवैये का मामला है.
अपराधियों को पकड़ने में विफल निकम्मी पुलिस अपनी कुंठा इस तरह निकालती है.
हस्पताल में पड़े गुंजन के साथ खड़े होइये न होइये पुलिस के इस रवैये के खिलाफ़
जरूर खड़े होईये.

बेगूसराय पुलिस एक दोषी अधिकारी पर कार्यवाही करने की बजाए पुलिसिया पैंतरे
अपना रही है. और गुंजन पर केस दर्ज करने का दबाव बना रही है. पुलिस को ऐसे
किसी मुगालते में नहीं रहना चाहिये कि इससे घबड़ा कर रंगकर्मी समझौता कर लेंगे.
क्योंकि यह सिर्फ़ रंगकर्मी का मामला नहीं है. अगर शहर के एक जाने माने चेहरे
के प्रति पुलिस का यह व्यवहार है तो आम आदमी को तो उसने हाइवे पर ही निबटा
दिया होता! बिहार पुलिस के आला अधिकारी तक कोई यह सूचना पहुंचा दे कि दोषी को
शीघ्र सजा दी जाए और बिहार पुलिस का रवैया ठीक किया जाए. अपनी उर्जा झूठे
मुकदमे में खर्च करने की बजाए आम आदमी की सुरक्षा में अधिक ध्यान दिया जाए.


-- 
Amitesh
+91-9990366404
www.pratipakshi.blogspot.com
www.rangwimarsh.blogspot.com
me on facebook https://www.facebook.com/amitesh.monu<https://www.facebook.com/amitesh.monu>
on twitter https://twitter.com/amitesh0 <https://twitter.com/amitesh0>
-------------- next part --------------
An HTML attachment was scrubbed...
URL: <http://mail.sarai.net/pipermail/deewan_mail.sarai.net/attachments/20131009/520caec9/attachment.html>


More information about the Deewan mailing list