[दीवान]तो क्या सोशल मीडिया के इस सपूत को रामनाथ गोयनका सम्मान देंगे ?
vineet kumar
vineetdu at gmail.com
Wed Oct 29 14:34:45 CDT 2014
जम्मू कश्मीर के डीआइजी शकील बेग( राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित) के बीस
साल के बेटे टोनी बेग ने अपने पिता की उन तस्वीरों को इस्टाग्राम के माध्यम से
सार्वजनिक किया जिसके आगे न्यूज चैनलों की ब्रेकिंग न्यूज की दहाड़ बेहद फेक
और बकवास लगने लगेगी. ब्रेकिंग न्यूज असल में ये होती है कि एक डीआइजी रैंक के
पुलिस अधिकारी जिसे कि राष्ट्रपति के हाथों विशेष प्रतिभा के लिए सम्मान मिलने
के साथ-साथ दर्जनों ऐसे पदक मिल चुके हैं जो ये साबित करता है कि वो देश के
सच्चे सिपाही हैं..लेकिन
कोई और चैनल या अखबार स्टिंग न करके खुद उनका 20 साल का बेटा वो सारी तस्वीरें
हमसे-आपसे साझा करते हैं जिसे देखने के बाद समझते देर नहीं लगती कि टोनी बेग
असल में वो काम किया जो देश के किसी अखबार के चैनलों को आज से 15-20 साल पहले
कर देने चाहिए थे. टोनी ने सिर्फ तस्वीरें साझा नहीं कीं बल्कि उनके साथ जो
कैप्शन दिए हैं वो अपने आप में कम साहसिक और पत्रकारिता के तल्ख अंदाज का
नमूना नहीं है..उनके पिता अपने एक सहयोगी से जूते के फीते बंधवा रहे हैं जिस
पर उन्होंने कैप्शन दिया है- मेरे पिता असल में बादशाह हैं, 15 साल से खुद
जूते के फीते नहीं बांधे..छतरी सिर पर अभी भी है जबकि न कोई बारिश हैं, न धूप.
जाहिर है टोनी बेग ने ये सब फन में मस्ती लेने के लिए नहीं किया है जिसके आरोप
सोशल मीडिया प्रैक्टिसनर पर लगातार लगते रहे हैं.
वैसे तो सोशल मीडिया को लेकर सरकार से लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया को लेकर जो
रवैया है वो साफतौर पर दोमुंहे किस्म का है. इसी सोशल मीडिया का इस्तेमाल
स्वयं सरकार, राजनीतिक पार्टियों और संस्थान अपने प्रचार से लेकर प्रोपगेंडा
के लिए करती आयी है तो उस पर कभी ज्यादा बात नहीं होती लेकिन जैसे ही
व्यक्तिगत स्तर पर किसी ने कुछ इधर-उधर लिखा नहीं कि हमले से लेकर सलाखों के
पीछे फेंकने की कवायद शुरु हो जाती है. ये बहुत संभव है कि यही काम शकील बेग
के बेटे टोनी बेग के बदले कोई और शख्स करता जो कि स्वाभाविक भी है क्योंकि इन
हरकतों को दर्जनों लोग सालों से देखते आए हैं, तो उनके साथ कुछ भी किया जा
सकता था..कुछ नहीं तो इसे एक झटके में बेबुनियाद करार दे दिया जाता..लेकिन
टोनी बेग की इन तस्वीरों को चुनौती देना आसान है क्या और वो भी तब जब उनमे वो
खुद भी शामिल हैं. आज मेनस्ट्रीम मीडिया जिस अंदाज में खासकर टेलीविजन इस खबर
को पेश कर रहा है, कायदे से ये उसके लिए डूब मरने का दिन है कि जो साधन और पद
का करप्ट और सामंती हो जाने की हद तक एक अधिकारी इस्तेमाल करता आया है, उसे
लोगों को बताने के लिए उसके बेटे को आगे आना होता है..इससे नीचे में कोई खबर
लोगों तक मीडिया के जरिए नहीं पहुंच पाई.
ये क्या अकेले शकील बेग हैं जो सार्वजनिक संपत्ति, लोगों की बेहतरी के लिए दी
जानेवाली सुविधाओं को बपौती समझकर उनका दोहन करते हैं...ये संख्या हजारों में
होंगी लेकिन सोशल मीडिया में तो अभी ये पहला सपूत सामने आया है जिसने अपने
पिता की सारी कारगुजारियों को सार्वजनिक कर दिया..करते रहिए आप पीआर एजेंसी और
कॉर्पोरेट मशीनरी से मीडिया मैनेज..जब घर-घर टोनी बेग जैसे सोशल मीडिया
जर्नलिस्ट पैदा होने लगेंगे तो पट्टाधारी मीडियाकर्मियों के लाख चीखने के
बावजूद, ग्राउंड जीरो रिपोर्टिंग का दावा करते रहने के बावजूद फर्जी, करप्ट और
मैनेज्ड करार देने में ज्यादा वक्त नहीं लगेंगे..हमें इस बात का फक्र है कि
सोशल मीडिया ने भगत सिंह पैदा न भी किए हों तो भी एक ऐसा प्रैक्टिसनर जरूर दे
दिया जो उन तमाम पत्रकारों की खूबियों के करीब है जिनकी आदिम छवि लेकर हम
मीडिया से दुनियाभर की उम्मीद लगाए घूमते-भटकते रहते हैं..तस्वीर, साभार- द
इंडियन एक्सप्रेस
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