[दीवान]जितना बेशर्म संपादक, उतना ही बेशर्म लेखकः रवीश कुमार का लेख, अपने नाम से
vineet kumar
vineetdu at gmail.com
Sun Feb 7 11:09:50 CST 2016
राहुल की वॉल से अभी-अभी गुजरा तो लगा पिछले दो-तीन सालों में बेशर्मी का स्तर
औऱ उंचा हो गया है. करीब तीन साल पहले किसी अंडू-झंडू व्यक्ति ने रवीश कुमार
से लेकर सुधीश पचौरी का दैनिक हिन्दुस्तान में छपे लेख को नत्थी करके अपनी तरफ
से एक बकवास भूमिका लिख मारी थी और सोशल मीडिया पर सात सौ रूपये के करीब किताब
छपवा ली थी.
अब ये बेशर्मी इस हद तक है कि रवीश की पोस्ट को अपने नाम से छपवा लिया.
पत्रिका के देहरादूर डिस्कवर और बेशर्म लेखक हरीश मैखुरी हैं जिनकी भूमिका
अपनी पासपोर्ट साइज फोटो संपादक के पास भेजने के अलावा कुछ और न रही होगी. अब
आप इसी बात से अंदाजा लगाइए कि इस देश में पत्रिका के जरिए सरोकार के नाम पर
किस तरह के कुकर्म हो रहे हैं.
[image: Vineet Kumar's photo.]
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[image: Vineet Kumar's photo.]
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