[दीवान]ये कम घिनौना, खतरनाक और दुखदायी नहीं हैः
vineet kumar
vineetdu at gmail.com
Tue Feb 16 22:48:48 CST 2016
27 साल का पी.वी.सुजीथ जो कि संघ का स्वयंसेवक था, भाजपा कार्यकर्ता था, पिछली
रात करीब दस लोगों ने घर में घुसकर मार डाला. कन्नुर( केरल) के रहनेवाले इस
सुजीथ के माता-पिता और भाई के सामने ये सब हुआ. जिस बेरहमी से इसकी हत्या की
गई, तस्वीरें देखकर आप भी दहल जाएंगे. बीजेपी का साफ मानना है कि ये काम
सीपीआई( एम) के लोगों ने किया है. पुलिस ने इस मामले में सीपीई( एम) के कुछ
लोगों को हिरास्त में भी लिया है.
मैं जब भी हत्या की इस तरह की खबरें पढ़ता हूं, पहला ख्याल आता है- वो भी तो
इस देश का नागरिक था, उसे भी तो संविधान ने अपने तरीके से जीने, अपनी बात
रखने, विचारधारा और पार्टी चुनने का हक दिया था. जरूरी तो नहीं कि सबके सब एक
ही तरह से सोचें, काम करें. 27 साल के सुजीथ को लेकर उसके माता-पिता के भी तो
कुछ अरमान रहे होंगे..किसी को क्या हक है कि वो उसे कुचल दे. इस हत्या से हम
सबके भीतर कुछ-कुछ मरता है, हम और बौने होते हैं.
मैं फिर दोहराता हूं. ये वैचारिक सहमति-असहमति की लड़ाई है ही नहीं. ये किसी
खास पार्टी या विचारधारा से जुड़ने के नाम पर अपनी लंपटता को एक सामाजिक
मान्यता हासिल करने का उपद्रव है. ये लंपटता जितनी दक्षिणपंथी विचारधारा में
जड़ जमा रही है, उतना ही वाम में भी बढ़ सकती है. इसमे होगा ये कि हम-आप
वैचारिक उबाल में तो थोड़े वक्त के लिए जरूर आ जाएंगे लेकिन इसी तरह कभी
रोहित, कभी सुजीथ और कभी अखलाक मारा जाएगा. कन्हैया जैसे हजारों छात्र क्या
पूरा का पूरा संस्थान देशद्रोह करार दिया जाएगा. हम बार-बार कानून,संविधान पर
यकीं की बात दोहराते हैं लेकिन इन्हें कानून और संविधान के पास पहुंचने के
पहले ही निबटा दिया जाता रहेगा. ये दौर मीडिया ट्रायल की तर्ज पर मॉब ट्रायल
का है. कोई किसी को राष्ट्रविरोधी, विकास विरोधी, मानव विरोधी करार देकर निबटा
देगा.
यकीन मानिए, ये दौर अपनी-अपनी विचारधारा में यकीन रखनेवाले के बीच जो लूंपेन
तत्व आ गए हैं, जो अपनी पार्टी या संस्था को उस आई कार्ड की तरह इस्तेमाल करते
हैं कि वो इसके बिना पर कुछ भी कर सकते हैं, उन्हें अपने से बेदखल करने का है,
हतोत्साहित करने का है. इस देश में ऐसे आई कार्ड के दम पर पहले भी एक से एक
घिनौने काम होते रहे हैं, इसे रोका जाना जरूरी है.
जो हमसे असहमत है, हमारी विचारधारा के विपरीत है, मुझे उनसे खास किस्म का लगाव
है. वो कई सारी बातें, किताबें जितनी सहजता से हमें उपलब्ध करा जाते हैं जिसे
कि हमें खोजने में कई दिन लग जाते हैं. ये दौर विपरीत विचारधारा के लोगों के
साथ वैचारिक आदान-प्रदान का है. उनका बचे रहना हमें और मजबूत करेगा. हम एकरंगे
जनतंत्र में बहुत जल्द खत्म हो जाएंगे.
सुजीथ, तुम्हारी मौत पर मैं उतना ही आहत हूं जितना कि रोहित वेमुला की मौत पर.
मैं बहुत करीब से देख पा रहा हूं कि अंतिम दिन में उसी मां-बाप का बच्चा हमारे
बीच से गुजर जा रहा है, जिसके घर की दीवारों को देखकर ही उनकी माली हालत का
अंदाजा लग जाता है. तुम सबके घर की दीवारें एक सी है, वैचारिक स्तर पर अलग
होते हुए भी तुम्हारे माता-पिता की हालत एक सी है..
( मैं मीडिया की इस खबर का इसलिए यकीन कर रहा हूं क्योंकि इसी मीडिया की पहली
खबरों पर यकीन करके हम रोहित की मौत और कन्हैया की गिरफ्तारी के विरोध की
निंदा करते आए हैं)
<http://indiatoday.intoday.in/story/bjp-worker-hacked-to-death-in-kannur/1/597007.html>
BJP worker hacked to death in Kannur : India, News - India Today
<http://l.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Findiatoday.intoday.in%2Fstory%2Fbjp-worker-hacked-to-death-in-kannur%2F1%2F597007.html&h=LAQE6_fjr&enc=AZMjRBlVtQ22aRau5u-Hzt6MHh4qN4OAvAf2c7xEfioZbNA48vL3Y73CHF-2SAH9-5mbNwjGLdTPr7AVhXZtY6Wm0NWLfAX2elecY_V5_M3DgeDl5LFb3REK919ogoJhVP9n9zz9910rojX9-7nLZj71BvkP9WDsBu30rKKJUvvoKniTg5hqHHIoUDNzDCsqfP0&s=1>
A BJP worker was hacked to death by a group of men in Kannur on Monday
night.
INDIATODAY.INTODAY.IN
-------------- next part --------------
An HTML attachment was scrubbed...
URL: <http://mail.mail.sarai.net/pipermail/deewan_mail.sarai.net/attachments/20160217/e70edda6/attachment.html>
More information about the Deewan
mailing list