[दीवान]सूचना सेवा में सुधार पर बासवान समिति ने खड़े किये हाथ

Ashish Kumar 'Anshu' ashishkumaranshu at gmail.com
Tue Jul 26 05:46:36 CDT 2016


 जयपुर, 26 जुलाई, 2016

सूचना सेवा में सुधार पर बासवान समिति ने खड़े किये हाथ



संघ लोकसेवा आयोग परीक्षा से संबंधित सुधारों पर कार्य करने के लिए बी एस
बासवान समिति ने भारतीय सूचना सेवा में सुधार के सवाल पर हाथ खड़े कर दिये हैं,
इससे इस सेवा में सुधार के लिए किये जा रहे प्रयासों को झटका लगा है।

                 हालांकि समिति ने अभी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी नहीं है
लेकिन भारतीय सूचना सेवा में सुधार के लिए छात्रों की ओर से किये जा रहे
प्रयासों के जवाब में समिति के अध्यक्ष बी एस बासवान की ओर से जयपुर के छात्र
श्याम शर्मा को ईमेल कर कहा गया है ‘भारतीय सूचना सेवा को सिविल सेवाओं में
रखना या न रखना, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का काम है, समिति का नहीं। मुझे
लगता है कि वे यथास्थिति बनाये रखना चाहते हैं।’

       हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, जयपुर के छात्र श्याम शर्मा ने
प्रधानमंत्री कार्यालय व बासवान समिति को पत्र लिखकर मांग की थी कि भारतीय
सूचना सेवा की पेशागत आवश्यकताओं को देखते हुए इसे ग्रुप ‘ए’ पेशेवर सेवा के
तौर पर चिन्ह्ति किया जाए तथा इसमें प्रवेश के लिए मीडिया व जनसंचार विषयों की
विशेषज्ञता अनिवार्य की जाए।

उल्लेखनीय है कि भारतीय सूचना सेवा में शीर्षस्थ पदों पर नियुक्तियों के लिए
अब तक विशेषज्ञता अनिवार्य नहीं है और सिविल सेवाओं में निचले रैंकों पर रहने
वाले प्रतिभागी अनिच्छा के साथ इस सेवा में पहुंचते हैं जिससे सरकार की
कार्यदक्षता तो प्रभावित होती ही है, साथ ही, संचार कौशल संयुक्त पेशेवर
प्रतिभा के साथ भी अन्याय होता है। इस संबंध में *मीडिया स्कैन**, **दिल्ली
पत्रकार संघ**,**आईआईएमसी छात्र संघ* तथा अन्य तमाम मीडिया संगठनों व छात्र
संगठनों ने बासवान समिति को पत्र लिखा है।

इन संगठनों का मानना है कि यह स्थिति पत्रकारिता के छात्रों के साथ अन्याय
जैसी है। देशभर में बड़ी संख्या में पत्रकारिता संस्थानों से सैकड़ों की
संख्या में स्नातक होकर पत्रकारिता और जनसंचार के छात्र निकलते हैं और उनके
कौशलों की आवश्यकता वाली एक लोकसेवा भी अस्तित्व में है फिर भी उनको अवसर देने
के स्थान पर इस सेवा में ऐसे लोगों को मौका दिया जा रहा है जिनके पास
पत्रकारिता और जनसंचार की बेसिक जानकारी तक नहीं है। इसलिए सूचना और प्रसारण
मंत्रालय, केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, संघ लोकसेवा आयोग और
प्रधानमंत्री कार्यालय से मांग की गयी है कि देशभर में पत्रकारिता के छात्रों
के हित में भारतीय सूचना सेवा को पूरी तरह विशेषज्ञ सेवा के रूप में ग्रुप ए
पेशेवर सेवा के रूप में चिन्हित किया जाए।
-------------- next part --------------
An HTML attachment was scrubbed...
URL: <http://mail.mail.sarai.net/pipermail/deewan_mail.sarai.net/attachments/20160726/b9ee609e/attachment-0003.html>


More information about the Deewan mailing list