[दीवान]तुम्हारा नाम किसी फूल को मिल जाए तो..- लप्रेक, सीजन-02

vineet kumar vineetdu at gmail.com
Tue Jul 4 12:21:50 CDT 2017


लप्रेक, सीजन- 2, लप्रेक- 03

तुम्हारा नाम किसी फूल को मिल जाए तो..

नश्वर, कोई तेरी रिस्पेक्ट में फूल का नाम बदलकर तेरे नाम पे रखना चाहे तो कौन
सा फूल सजेस्ट करोगे ?

मैं सजेस्ट नहीं, रिक्वेस्ट करुंगा क्षणिका कि ऐसा न करे. ये मेरे लिए
रिस्पेक्ट की नहीं, इन्सल्ट की बात होगी.
क्यों इसमे इनसल्ट की क्या बात हो गयी ? बता न प्लीज कौन सा फूल ?
पहले से किसी के नाम को छिनकर मेरा नाम दे देना इनसल्ट नहीं है क्षणु बता तो ?
इत्ता डीप क्यों जा रहा है, बता न..

तुम्हें क्या लगता है, ऐसा करते ही ये बात इतिहास का हिस्सा नहीं हो जाएगा कि
था एक नश्वर नाम का शख्स जिसकी वजह से इस फूल का नाम छिन गया.
सोच तो उस इलाके के लोग मुझे किस तरह से याद करेंगे ?

किस तरह से करेंगे, फिर इसमे तेरी कोई गलती भी तो नहीं ?
कहेंगे नहीं कि जो शख्स फूल जैसी खुशबू, उसकी जैसी तरलता और एनोसेंसी अपने
भीतर पैदा नहीं कर सका तो उसका नाम ही कब्जा लिया.

बट नश्वर,फूल का नाम तेरे नाम पर तो तुझे गिफ्ट की तरह होगी न. इसमे कब्जा
कैसा ?
क्षणु, जो मेरे गुजर जाने के बाद भी मेरी आनेवाली नस्लों के लिए आह और
बद्दुआओं की जमीन तैयार कर दे, वो गिफ्ट नहीं. और फिर फूल की बद्दुआएं तो
सदियों तक फिजा में घुलती रहेगी.
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