[Deewan] posting 3

AMIT RAI raiamit14 at rediffmail.com
Fri Mar 24 12:01:14 IST 2006


 नर्मदा सागर परियोजना में नर्मदा नदी की जलशास्त्रीय जटिलताओंका जरा भी ध्यान नही रखा गया है और मीडिया भी इसे कहीं से सामने नही लाया है.पेश है वास्तविक जानकारी.
                      जलविज्ञानी बताते है कि कई जगह नदी तल में ऐसे दह बने हुए हैं जहां नीचे से पानी आता है तो कई जगह नदी का पानी जमीन के नीचे भी जा रहा है.नर्मदा नदी बडी दरार वाले इलाके से बहती है.यह दरार भारत को दो बिल्कुल भिन्न प्रकार के भौगोलिक क्षेत्र में बांटती है. दरार वाले इलाकों में भूकंप की संभावना हमेशा रहती है.
                      कोलकाता विश्वविद्यालय में भूकंप की भविष्यवाणी संबंधी अध्ययन में लगे एक प्रोफेसर के अनुसार "नर्मदा घाटी विकास कार्यक्रम के अंतर्गत थोडे से इलाके में बहुत सारे जलाशय बनाने की योजना के कारण भूकंप की संभावना बढ गयी है".
                      मध्यप्रदेश के भूतपूर्व पर्यावरण आयुक्त श्री एम के शर्मा का भी कहना है कि "यह सब जानते हैं कि नर्मदा घाटी बिखरे भू खंडों का इलाका है इसलिये यहां जलाशयों के बनने से उनके परिणामस्वरूप भूकंप की समस्यायें पैदा हो सकतीं हैं".
                      हाल के वर्षों में भूकंप विज्ञानी जोर देने लगे हैं कि परियोजना की उपयोगिता का अध्ययन करने में भूकंप संबंधी विषयों को भी अनिवार्य कर देना चाहिये.नर्मदा सागर के लिये जगह का चुनाव ३५ साल पहले किया गया था और तब भूकंप संबंधी अध्ययन नही किया गया था.
                     इस बीच अनेक संगठनों ने भौगोलिक अध्ययन किये हैं लेकिन उन संगठनों की रिपोर्टों को अधिकारियों ने प्रकाशित नही किया,किसी को दिखाया ही नही,बांध क्षेत्र में नियुक्त इंजीनियर और भोपाल स्थित नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारी कहते हैं कि वे सारे अध्ययन केंद्र सरकार के संगठनों ने कराये हैं,जिनमें नेशनल जियोफिजिकल इंस्टीट्यूट भी शामिल है,बताया जा रहा है कि सर्वे करने वाले अपने सभी 'सैंपल' दिल्ली ले गये हैं,इसलिये मध्यप्रदेश के विभागों को,सिंचाई इंजीनियरों को कुछ मालूम नही है. 
                     बाकी अगली बार नयी जानकारी के साथ,नये सुझावों की अपेक्षा के साथ. 


Amit rai
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